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चलने की औसत

चलने की औसत

(Article: Pradeep Shah)

ये हैं भारत की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन, देखें किस Train की कितनी है Speed

ऑटो डेस्क । भारतीय रेल (Indian Railways) देश में विभिन्न स्थानों की दूर कम करने के लिए ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की दिशा में पर लगातार काम कर रही है। इसमें रेल पांतों को भी बदला जा रहा है। दूरी कम करने के लिए नई रेल लाइन बिछाई जा रहीं हैं। सिग्नल सिस्ट को बहुत पहले अपडेट किया जा चुका है। वहीं देशमें बुलेट ट्रेन का काम भी बहुत तेज गति से चल रहा है। ऐसी उम्मीद है कि साल 2024 तक देश में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। मौजूदा समय की बात करें तो देश में कई ट्रेनें (India top speed train) हैं जो 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक तेजी से दौड़ती हैं। इसमें टॉप पर वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) से लेकर दूरंतो एक्सप्रेस (Duronto Express) तक शामिल है। देखें सबसे तेज भागने वाली ट्रेनों की क्या है स्पीड.

वंदे भारत एक्सप्रेस

वंदे भारत एक्सप्रेस
मेड इन इंडिया वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन (Vande Bharat Express) की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसे Train 18 के नाम से भी जाना जाता है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद ये ट्रेन लॉन्च की गई है। इस ट्रेन में यात्रियों के लिए कई सारी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। इसे देश में हाईटेक ट्रेन माना जाता है। ( फाइल फोटो)

दिल्ली-झांसी गतिमान एक्सप्रेस (Gatimaan Express)
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड में स्थित झांसी के बीच चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस (Delhi–Jhansi Gatimaan Express) देश की दूसरी सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है। इसकी अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस ट्रेन से दि्ली - झांसी रुट पर पड़ने वाले बड़े स्टेशनों तक बहुतकम समय में पहुंचा जा सकता है। ( फाइल फोटो)

बांद्रा राजधानी एक्सप्रेस (Bandra Rajdhani Express)
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बांद्रा (मुंबई) के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस ट्रेन का रूट लंबा है ये अपने गंतव्य 1,367 km (849 mi) तक तकरीबन 13 घंटे में पहुंच जाती है। पहले 91 किमी / घंटा की औसत गति से की रप्तार से ये ट्रेन दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी को 15 घंटे और 40 मिनट में पूरी करती थी। गंतव्य तक पहुंचने में इसकी औसत स्पीड अब 97.8 किलोमीटर प्रतिघंटा है। ( फाइल फोटो)

नई दिल्ली- रानी कमलापति स्टेशन (हबीबगंज) शताब्दी एक्सप्रेस
नई दिल्ली और रानी कमलापति स्टेशन (हबीबगंज) के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस (New Delhi Habibganj Shatabdi Express) भी देश की बेहद चर्चित ट्रेन है। इसकी अधिकतम स्पीड 150 किलोमीटर प्रति घंटा है। ( फाइल फोटो)

130-135 किमी स्पीड पर दौड़ती हैं कई राजधानी ट्रेनें
सियालदह-नई दिल्ली दूरंतो एक्सप्रेस (Duronto Express) ट्रेन भी 135 किलोमीटर की अधिकतम स्पीड से पटरियों पर दौड़ती है। इसके अलावा 6-7 राजधानी और दूरंतो एक्सप्रेस ट्रेन भी 130 की रफ्तार से चलती हैं। ( फाइल फोटो)

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन Mumbai-Ahmedabad Bullet Train) की रफ्तार 320 KMPH
जापान के सहयोग से भारत सरकार मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) प्रोजेक्ट पर काम रही है। ऐशा अनुमान है कि 2024 तक ये ट्रेन पटरियों पर दौड़ने लगेगी। इसके लिए एकदम नया ट्रेक बिछाया जा रहा है। ये ट्रेन समुद्र के अंदर से भी गुजरेगी। इस हाई स्पीड ट्रेन की रफ्तार 320 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। इस रूट पर कुल 508 किलोमीटर की दूरी औसत 2 घंटे में पूरी हो सकेगी।
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रेलवे परीक्षा सवाल : ट्रेन 1 लीटर डीजल में कितना एवरेज देती है ?

भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर की बात की जाये तो ट्रैन सबसे महत्वपूर्ण यातायात साधनों में से एक है। लम्बी दूरी काम किराए में तय करनी हो तो एकमात्र साधन के रूप में हमे रेल ही दिखाई देती है। वैसे तो रेल के सफर का आनंद आपने खूब लिया होगा पर आपकी यात्रा […]

रेलवे परीक्षा सवाल : ट्रेन 1 लीटर डीजल में कितना एवरेज देती है ?

भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर की बात की जाये तो ट्रैन सबसे महत्वपूर्ण यातायात साधनों में से एक है। लम्बी दूरी काम किराए में तय करनी हो तो एकमात्र साधन के रूप में हमे रेल ही दिखाई देती है। वैसे तो रेल के सफर का आनंद आपने खूब लिया होगा पर आपकी यात्रा को सुगम बनाने वाली रेल के कई ऐसे रहस्य है जिनसे आप अनजान होंगे।

Train

हो सकता है सफर के दौरान आपके मन में भी सवाल आया हो की ट्रैन एक लीटर डीजल में कितना चलती हैं। आज हम आपको बताते है की इस सवाल का सही जवाब क्या है ? और आपको ये भी बता दें ये जानकारी आपको बेहद हैरान कर देगी।

Train

आपने अक्सर देखा होगा की अगर ट्रैन काफी समय के लिए खड़ी भी रहे तो उसका इंजिन चालु ही मिलेगा। आखिर क्यों ट्रैन के इंजिन को ज्यादातर स्टार्ट ही रखा जाता है।

Train

इस सवाल के जवाब में लोको चलने की औसत चलने की औसत पायलट ने बताया की यदि किसी ट्रेन का इंजन बंद कर दे और उसको दोबारा स्टार्ट करे तो इसमें बहुत तेल खर्च होता हैं। एक अनुमान के तहत एक बार इंजन को स्टार्ट करने में 25 लीटर तेल की खपत होती हैं।

Train

जबकि ट्रेन यदि एक किलोमीटर चले तो उसमे करीबन 15 लीटर तेल लगता हैं। ऐसे में इंजन को बंद करना बेहतर विकल्प नहीं हैं। ऐसी ही कई वाकयो से पता लगा की ट्रेन का इंजन एक किलोमीटर चलने में 15 से 20 लीटर डीजल खा जाता हैं।

Train

आपको बता दे, अब भारतीय रेल में बिजली से चलने वाले इंजन आ गये हैं लेकिन आज भी भारत में सैकड़ों ट्रेन डीजल इंजन से ही चल रही है।ट्रेन के एवरेज की बात करे तो एक 12 डिब्बो की पैसेंजर ट्रेन एक किलोमीटर चलने में करीबन 6 लिटर डीजल खा जाती हैं।

Train

इसका कारण चलने की औसत यह भी हैं की वह जगह-जगह रूकती हैं जिसे ब्रेक लगाने पड़ते हैं और फिर चलाना पड़ता हैं जिससे तेल की ज्यादा खपत होती हैं।वहीँ किसी एक्सप्रेस में लगे डीजल तेल की बात करे तो वह कम जगह रूकती हैं लिहाजा एक्सप्रेस ट्रेन में एक किलोमीटर चलने पर करीब साढ़े चार लीटर डीजल की खपत होती हैं।

महंगे तेल ने बढ़ाई माइलेज की अहमियत! ये हैं एक लीटर में सबसे ज्यादा चलने वाली बाइक्स, जोरदार एवरेज और दाम भी कम

Fuel Efficient Bikes: सबसे अधिक माइलेज देने वाली बाइक देश की सबसे सस्ती बाइक में भी शुमार है.

महंगे तेल ने बढ़ाई माइलेज की अहमियत! ये हैं एक लीटर में सबसे ज्यादा चलने वाली बाइक्स, जोरदार एवरेज और दाम भी कम

अधिकतर लोग ऐसी बाइक को प्रमुखता दे रहे हैं जिसकी रनिंग कॉस्ट कम हो यानी कि माइलेज अधिक हो.

Fuel Efficient Bikes: तेल की बढ़ती कीमतों के चलते सभी बाइकर्स की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है. आज 6 मई को लगातार तीसरे दिन पेट्रोल कीमतें बढ़ी हैं. पेट्रोल के भाव में उछाल के साथ इसके भाव नई दिल्ली में 90.99 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 97.34 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पहुंच गए.अगर ऐसे ही लगातार इसके भाव बढ़ते रहे तो जल्द ही यह 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो जाएगा. ऐसे में अधिकतर लोग ऐसी बाइक को प्रमुखता दे रहे हैं जिसकी रनिंग कॉस्ट कम हो यानी कि माइलेज अधिक हो. नीचे देश में सबसे अधिक माइलेज वाली पांच बाइक की सूची दी जा रही है. इसमें एक बाइक ऐसी भी है जो 100 से अधिक का माइलेज देती है और उसकी एक्स-शोरूम प्राइस भी 50 हजार रुपये से कम है.

5. Hero Splendor Plus – 80 किमी प्रति लीटर

देश में सबसे अधिक बिकने वाली बाइक सबसे अधिक माइलेज देने वाली पांच बाइक में शुमार है. हीरो स्प्लेंडर प्लस की एआरएआई-सर्टिफाइड फ्यूल एफिशिएंसी 80 किमी प्रति लीटर की है. दिल्ली के एक्स-शोरूम में इसकी कीमत 62,535 रुपये है.

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4. Hero Super Splendor – 83 किमी प्रति लीटर

देश के टॉप 5 फ्यूल एफिशिएंट में चौथे स्थान पर जो बाइक है, वह काफी दिलचस्प है क्योंकि यह 125 सीसी की बाइक है. एआरएआई (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के मुताबिक हीरो सुपर स्प्लेंडर का माइलेज 83 किमी प्रति लीटर की है जोकि 125सीसी की बाइक के लिए बहुत जबरदस्त कहा जा सकता है. इस बाइक की दिल्ली के एक्स-शोरूम में कीमत 71,100 रुपये है और प्रीमियम डिस्क ब्रेक वैरिएंट के लिए 3500 रुपये अधिक चुकाना पड़ेगा.

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3. Bajaj Platina 110 – 84 किमी प्रति लीटर

पुण स्थित बजाज की सबसे अधिक बिकने वाली बाइक बजाज प्लैटिना 110 माइलेज के मामले में भी सुपर है. 100सीसी की यह बाइक एआरएआई के मुताबिक एक लीटर में 84 किमी जा सकती है. दिल्ली के एक्स-शोरूम में इसकी कीमत 63,424 रुपये है.

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2. TVS Star City Plus – 85 किमी प्रति लीटर

देश की टॉप 5 फ्यूल एफिशिएंट बाइक में टीवीएस की भी एक बाइक शुमार है. एआरएआई के मुताबिक 110 सीसी की टीवीएस स्टार सिटी प्लस 85 किमी प्रति घंटे का माइलेज देती है. कीमत की बात करें तो दिल्ली के एक्स-शोरूम में इसकी प्राइस 66,895 रुपये है. बाइक देश भर के शोरूम में एकल टोन और दोहरे टोन के रंग विकल्प में उपलब्ध है.

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1. Bajaj CT100 – 104 किमी प्रति लीटर

देश में सबसे अधिक माइलेज देने वाली बाइक बजाज की है. बजाज की एंट्री लेवल कम्यूटर बाइक बजाज सीटी100 एक लीटर में 104 किमी तक जा सकती है. एआरएआई के मुताबिक देश में सिर्फ यही एक बाइक है जो एक लीटर तेल में 100 से अधिक किमी जा सकती है. इस बाइक की एक और खासियत यह भी है कि यह देश में सबसे सस्ती बाइक में से एक है. दिल्ली के एक्स-शोरूम में एलॉय व्हील्स किक स्टार्ट वैरिएंट की प्राइस 49,152 रुपये है.

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(Article: Pradeep Shah)

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चलने की औसत

जिले की रूपरेखा :

ग्वालियर के उत्तर – पूर्व में 26 ° 34’50 “अक्षांश और 78 ° 48’05” रेखांश पर अवस्थित भिंड मध्य प्रदेश का सबसे उत्तरी जिला है । यह क्वारी तथा पहुज नदियों के मध्य चंबल और सिंध की घाटियों में स्थित चलने की औसत है। जिला 25 ° 54’5 ” उत्तर से 26 ° 47’50 ” उत्तर और 78 ° 12’45 ‘पूर्व से लेकर 79 ° 8’30’ ’79 डिग्री 8’30’ ‘पूर्व तक फैला हुआ है ।

उत्तर पूर्व की तरफ उभरा हुआ यह जिला अर्धवृत्ताकार है । भिंड जिले की सबसे बड़ी लंबाई दक्षिण पूर्व से उत्तर पश्चिम तक 105 किमी है l

भिंड जिला उत्तर दिशा में उत्तर प्रदेश के आगरा और इटावा जिलों और दक्षिण में ग्वालियर और दतिया जिलों से घिरा हुआ है । इसकी पूर्वी सीमा उत्तर प्रदेश के इटावा, औरैया और जालौन जिलों द्वारा बंद की जाती है जबकि पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी सीमाएं मुरैना जिले द्वारा साझा की जाती हैं। उत्तर पश्चिमी सीमा आसन और क्वारी नदियों द्वारा चिह्नित की जाती है तथा उत्तरी और पूर्वी पर चंबल और पहुज नदियाँ बहती हैं।

सम्पूर्ण जिला चंबल घाटी में अवस्थित है l यह गंगा घाटी के दक्षिण – पश्चिमी भाग का निर्माण करता है l पहाड़िया नाम मात्र को है जो मुख्यतः दक्षिण – पश्चिम में छोटी-छोटी और अलग-अलग हैं ।

यह केवल भिंड तहसील में है कि नदियों का प्रवाह पूर्व की तरफ है l भिंड की स्थलाकृति घाटी – मैदानी स्थलाकृति है । वर्तमान में मैदानी भाग पर खेती होती हैं l खेत प्रायः ब्रक्षविहीन तथा नमीदार स्थानों पर झाड़ियों से युक्त हैं l स्थलाकृति को विभाजित करने वाला गहरी खाड़ियों तथा ढालू किनारों से युक्त केवल नदियों का नेटवर्क है ।

जिले का सबसे विस्तृत मैदान गोहद, मेहगाँव और मौ के आसपास के पश्चिमी भाग में स्थित है। बीहड़ी भूमि नदियों एवं उनकी सहायक नदियों चलने की औसत चलने की औसत के दोनों तरफ फ़ैली हुई है l ये बीहड़ डकैतों की आदर्श शरणस्थली तथा बाख निकालने के रास्ते रहे हैं l घाटी क्षेत्रों में खेती और बस्तियों के लिए ज्यादातर अनुपयुक्त हैं।

कई नदियाँ तथा जलधाराएं जिले से होकर बहती हैं l चंबल और सिंध जिले की प्रमुख नदियां हैं। चंबल उत्तरी सीमा का निर्माण करती है l चूंकि 2 नदियां यमुना की उपनदियां हैं, वे गंगा जल निकासी व्यवस्था के कुछ हिस्से बनातीं हैं । इनके अतिरिक्त, क्वारी,पहुज, आसन और वैसली जिले की अन्य महत्वपूर्ण नदियां हैं ।

जलवायु :

दक्षिण-पश्चिमी मानसून मौसम के अलावा भिंड का मौसम सामान्य तौर से सूखा रहता है। वर्ष को 4 ऋतुओं में विभाजित किया जा सकता है l शरद ऋतु दिसंबर से फरवरी तक और ग्रीष्म ऋतु मार्च से लगभग मध्य जून तक रहती हैं । जून के मध्य से सितंबर के अंत तक की अवधि दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम है। अक्टूबर और नवंबर मानसूनोत्तर माह हैं l

भिंड की औसत वार्षिक वर्षा 668.3 मिमी है। जिले की स्थानिक भिन्नता बहुत अधिक नहीं है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के महीनों में वार्षिक वर्षा का लगभग 92% प्राप्त होता है। औसतन एक वर्ष में 33 बरसात के दिन होते हैं। 6 सितंबर, 1910 को भिंड में जिले में किसी भी स्थान पर दर्ज 24 घंटों में सबसे भारी वर्षा 295.9 मिमी थी।

भिंड में कोई मौसम संबंधी वेधशाला नहीं है l फरवरी के बाद तापमान मई तक लगातार बढ़ता है जब औसत दैनिक तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहता है। जून में औसत तापमान दो डिग्री से अधिक हो सकता है। गर्मियों में अति तीव्र गर्मी होती है और अक्सर चलने वाली धूल भरी व झुलसाने वाली हवाएं अति कष्टकारी होती हैं । चलने की औसत जून के मध्य में मॉनसून की शुरूआत के साथ तापमान में एक सुखद गिरावट आती है। अक्टूबर के बाद दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आती है l अधिकतम औसत तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम औसत तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के साथ जनवरी सबसे ठंडा महीना है l 2003 में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था l ठंड के मौसम में पश्चिमी हवायेन एवं शीत लहर जिले को प्रभावित करती हैं और न्यूनतम तापमान पानी के हिमांक से भी लगभग एक डिग्री नीचे गिर जाता है।

चलने की औसत

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एक औसत भारतीय पुरुष कितने समय तक सेक्स करता है?

फगव

संभोग के दौरान शीघ्रपतन को रोकने के लिए पुरुषों को संघर्ष करना पड़ सकता है। इसलिए पुरुषों पर रिश्ते को लंबे समय तक बढ़ाने का दबाव होता है। कितने मिनट का संभोग वास्तव में पर्याप्त है या कितने मिनट बहुत कम है? अध्ययन के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में औसत व्यक्ति 13 मिनट तक, यूरोप में 10 मिनट और जर्मनी में 7 मिनट तक रह सकता है। इस सच्चाई का पता लगाएं कि हमारे भारतीय पुरुष कितने समय तक जीवित रह सकते हैं।

पोर्नोग्राफी की रील लाइफ: पोर्नोग्राफी में पुरुष के निशान की लंबाई 20 सेमी होती है। और संभोग औसतन 30 से 60 मिनट तक चलने के लिए दिखाया गया है। लेकिन ऐसा सिर्फ फिल्मों में होता है। अंतिम दृश्य पहले फिल्माया जा सकता है। इस प्रकार अश्लील फिल्मों में अभिनय करने वाले पुरुष बिना किसी चिंता के स्खलन कर सकते हैं। तस्वीरें लेने में कुछ दिन लग सकते हैं। वे चाहें तो एडिटिंग भी करेंगे। साथ ही ज्यादातर पोर्न स्टार ड्रग्स का सेवन करते हैं। तो, यह कभी भी एक पूर्ण तुलना नहीं है।

वास्तविक जीवन: लाखों पुरुष अपने वास्तविक जीवन में सेक्स के समय को बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। बहुत से लोग हैं जो मानते हैं कि लिंग की लंबाई और प्रकृति शीघ्रपतन का एकमात्र कारण है।

औसत स्खलन समय: अमेरिकी पुरुषों के लिए औसत स्खलन का समय 13 मिनट है, लेकिन भारतीय पुरुषों के लिए यह 7 मिनट से भी कम है। एनएचएसएलएस सर्वेक्षण के अनुसार, 30-39 आयु वर्ग के 32 प्रतिशत पुरुषों, 40-49 आयु वर्ग के 28 प्रतिशत पुरुषों और 50-59 आयु वर्ग के 31 प्रतिशत पुरुषों ने शीघ्रपतन की सूचना दी।

अध्ययन: सेंटर फॉर सेक्सुअल हेल्थ के अनुसार, शीघ्रपतन का मतलब है कि आप एक मिनट चलने की औसत से भी कम समय तक जीवित रहें। संभोग के दौरान लंबे समय तक चलने का दबाव भी शुक्राणुओं को जल्दी बाहर आने का कारण बनता है। और कम चलने की औसत उम्र में पोर्नोग्राफी देखना भी आपको जल्दी स्खलन करना सिखाता है।

डॉक्टर से कब मिलें: अगर पुरुषों को शीघ्रपतन की समस्या है तो डॉक्टर को दिखाना सबसे अच्छा है। इससे पहले कि आप डॉक्टर के पास जाएं, स्वस्थ खाने से लेकर हस्तमैथुन की आदत छोड़ने और अपने प्रदर्शन की चिंता न करने तक सब कुछ करने की चलने की औसत कोशिश करना बेहतर है। संभोग भावनात्मक है, इसलिए आपको यह ध्यान रखने की आवश्यकता है कि यदि आप तनाव में हैं तो आपके विचार सीधे आपके प्रदर्शन को प्रभावित करेंगे।

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