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Investing meaning in Hindi : Get meaning and translation of Investing in Hindi language with grammar,antonyms,synonyms and sentence usages by ShabdKhoj. Know answer of question : what is meaning of Investing in Hindi? Investing ka matalab hindi me kya hai (Investing का हिंदी में मतलब ). Investing meaning in Hindi (हिन्दी मे मीनिंग ) is विनिधान.English definition of Investing : the act of investing; laying out money or capital in an enterprise with the expectation of profit

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Money Management India: वैल्यू इन्वेस्टिंग लॉग टर्म में धन बनाने का सबसे अच्छा तरीका है | Value investing is the best way to build wealth in the long term | Patrika News

वैल्यू फंड रिलेटिव वैल्यू अप्रोच का करते है पालन मॉर्निंगस्टार के विश्लेषण के अनुसार, 2018 के बाद जिन फंडों को वैल्यू कैटेगरी में फिर से वर्गीकृत किया गया, उनके पोर्टफोलियो में भी ग्रोथ स्टॉक होल्डिंग में गिरावट दिखाई दे रही है। इसलिए कई तथा कथित वैल्यू फंड रिलेटिव वैल्यू अप्रोच का पालन करते हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड उन कुछ म्यूचुअल फंडों में से है, जिन्हें मॉर्निंगस्टार द्वारा गोल्ड रेटिंग दी गई है। फंड का प्रबंधन आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के ईडी और सीआईओ एस नरेन द्वारा किया जाता है, जो भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में सबसे अनुभवी मैनेजरों में से एक है। इन वर्षों में उन्होंने अपने द्वारा प्रबंधित धन के आधार पर एक दमदार ट्रैक रिकॉर्ड बनाया है। चूंकि नरेन निवेश की वैल्यू स्टाइल के प्रैक्टिशनर रहे हैं, इसलिए फंड की स्ट्रेटेजी उन्हें अपनी ताकत से खेलने की अनुमति देती है। संयोग से आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड ने हाल ही में 18 साल पूरे किए हैं। इस स्कीम का एयूएम 24,694 करोड़ रुपए जो वैल्यू कैटेगरी में कुल एयूएम का लगभग 30 फीसदी है। यह स्कीम में वैल्यू इन्वेस्टिंग में निवेशक के विश्वास को दर्शाता है। अगर किसी निवेशक ने 16 अगस्त 2004 इस फंड में 10 लाख रुपए का एकमुश्त निवेश किया होगा, तो उसकी कीमत 31 जुलाई 2022 तक 2.5 करोड़ होगी। यानी सालाना 19.7 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न मिला है। निफ्टी 50 में इसी तरह के निवेश से 15.6 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न मिलता और कुल कीमत 1.3 करोड़ रुपए होती। चूंकि वैल्यू इन्वेस्टिंग लॉंग टर्म के निवेश के लिए उपयुक्त होता है, तो एसआईपी एक अच्छा निवेश का मार्ग बन जाता है।

फंड का लांग टर्म अनुभव उत्साहजनक फंड की स्थापना के बाद से एसआईपी के माध्यम से 10,000 रुपए का मासिक निवेश के तहत कुल 21.6 लाख रुपए का निवेश किया गया होगा। 31 जुलाई 2022 तक यह बढ़कर 1.2 करोड़ रुपए हो गया होगा, जिसका सीएजीआर 17.3 फीसदी होता है। फंड का लांग टर्म अनुभव उत्साहजनक रहा है और ऐसे में नरेन का कहना है कि वैल्यू फंड में निवेश करते समय धैर्य का बहुत महत्व होता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि बाजार के ऐसे फेज होंगे जब मूल्य कमजोर होगा। इसलिए, निवेशकों को धैर्य रखने और निवेश में बने रहने की आवश्यकता होगी और जब चक्र बदल जाता है, तो इतिहास गवाह है कि धैर्य का भरपूर लाभ मिलता है। उन्होंने आगे कहा, ’ऐसे समय में वैल्यू इन्वेस्टिंग करना जब बाजार ऊंचा होता है, अच्छा प्रदर्शन करता है और वैल्यू उन सेक्टर्स में निवेश करने पर केंद्रित होता है, जो आउट ऑफ फेवर है, लेकिन इन्वेस्टिंग उनमें लांग टर्म संभावनाएं हैं।

Value Investing: लंबे समय में संपत्ति बनाने के लिए बेहतर है वैल्यू इन्वेस्टिंग, जानें किस म्‍यूचुअल फंड ने दिया जबरदस्‍त रिटर्न

Value Investing Funds: लंबे समय में बाजार के उतार-चढ़ाव के कई चरण देखने को मिलते हैं. अगर आप में धैर्य है तो आप वैल्‍यू इन्‍वेस्टिंग फंड में निवेश कर बेहतर रिटर्न प्राप्‍त कर सकते हैं .

By: ABP Live | Updated at : 26 Sep 2022 12:57 PM (IST)

Value Investing Fund: भला कौन ऐसा निवेशक होगा जो अपने इन्‍वेस्‍टमेंट पर ज्‍यादा मुनाफा न चाहता हो. बाजार में विभिन्‍न प्रकार के म्‍यूचुअल फंड उपलब्‍ध हैं लेकिन जब बात लंबे समय में धन-संपत्ति बनाने की बात आती है तो वैल्‍यू इन्‍वेस्‍टमेंट सबसे ऊपर आता है. वैल्‍यू फंड (Value Fund) के तहत जितने भी इक्विटी म्‍यूचुअल फंड्स (Equity Mutual Funds) हैं, उन सबका 'स्‍टाइल फैक्‍टर' अलग है. एक रिसर्च किया गया जिसके लिए मनी मैनेजमेंट इंडिया ने मॉर्निंगस्‍टार (Morningstar) द्वारा उपलब्‍ध कराए गए आंकड़े और ओपनक्‍यू के फैक्‍टर एनालिसिस टूल्‍स पर भरोसा किया गया.

द मनी हंस एंड मनी मैनेजमेंट इंडिया की फाउंडर हांसी मेहरोत्रा के अनुसार, म्यूचुअल फंड सेलेक्‍ट करते समय निवेशकों को परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (AMC) और फंड के निवेश की फिलॉसफी (Investment Philosophy) और तरीके को समझना जरूरी है. इससे उन्हें यह पता चल जाएगा कि बाकी फंडों की तुलना में यह फंड कब और कैसा प्रदर्शन करेगा, पर ऐसा करना आसान नहीं होता है क्योंकि इंडस्ट्री वैल्यू इन्वेस्टिंग जैसे शब्दों का बहुत ही कम इस्तेमाल करती है.

मॉर्निंगस्टार के एक एनालिसिस के अनुसार, 2018 के बाद जिन कई फंडों को वैल्यू कैटेगरी में फिर से क्‍लासिफाई किया गया उनके पोर्टफोलियो में भी ग्रोथ स्टॉक होल्डिंग में गिरावट नजर आ रही है. इसलिए कई वैल्यू फंड रिलेटिव वैल्यू अप्रोच का पालन करते हैं.

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आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड (ICICI Prudential Value Discovery Fund) उन चंद म्‍यूचुअल फंडों में से एक है, जिसे मॉर्निंगस्टार द्वारा गोल्ड रेटिंग (Gold Rating) दी गई है. इस फंड के मैनेजर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के ईडी और सीआईओ एस नरेन हैं. नरेन निवेश की वैल्यू स्टाइल के प्रैक्टिशनर रहे हैं, इसलिए फंड की स्ट्रेटजी के लिए वह अपने लंबे अनुभव का इस्‍तेमाल करते हैं.

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड ने हाल ही में 18 साल पूरे किए हैं. इस स्कीम का एयूएम 24,694 करोड़ रुपये है जो वैल्यू कैटेगरी में कुल एयूएम का लगभग 30% है. यह स्कीम में वैल्यू इन्वेस्टिंग में निवेशक के विश्वास (Investor’s Trust) को दर्शाता है.

अगर किसी निवेशक इस फंड की शुरुआत में (16 अगस्त, 2004) ही 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो उसकी कीमत 31 जुलाई 2022 2.5 करोड़ रुपये होती. यानी इस फंड ने सालाना 19.7% का सीएजीआर रिटर्न दिया है. निफ्टी 50 में इसी तरह के निवेश से 15.6 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न मिलता और इन्वेस्टिंग कुल कीमत 1.3 करोड़ रुपये होती. चूंकि वैल्यू इन्वेस्टिंग लांग टर्म के निवेश के लिए उपयुक्त होता है तो एसआईपी एक अच्छा निवेश का मार्ग बन जाता है.

फंड की शुरुआत के समय से सिस्‍टेमेटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) के जरिये अगर किसी निवेशक ने 10,000 रुपये का मासिक निवेश किया होता तो निवेश की रकम 21.6 लाख रुपये होती. 31 जुलाई 2022 तक यह बढ़कर 1.2 करोड़ रुपये हो गया होता मतलब उन्‍हें 17.3 प्रतिशत का सीएजीआर मिलता.

फंड मैनेजर एस नरेन का कहना है कि वैल्यू फंड में निवेश करते समय धैर्य होना जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि बाजार में कई ऐसे समय भी देखने को मिलेंगे जब वैल्‍यू कमजोर होगा. इसलिए, निवेशकों को धैर्य रखने और निवेश में बने रहने की आवश्यकता होगी और जब चक्र बदल जाता है, तो इतिहास गवाह है कि धैर्य का भरपूर लाभ मिलता है.

Published at : 26 Sep 2022 12:54 PM (IST) Tags: Mutual Funds SIP investment tips icici prudential value discovery fund Value Funds हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

ईटी मनी जीनियस की इन्वेस्टिंग इंटेलिजेंस के साथ निवेशक अस्थिर बाजारों को अब दे सकते हैं मात

ईटी मनी जीनियस की इन्वेस्टिंग इंटेलिजेंस के साथ निवेशक अस्थिर बाजारों को अब दे सकते हैं मात

आपको अपने आस-पास बहुत से ऐसे लोग मिलेंगे जो अपने फिटनेस प्‍लान या डाइट पर टिके रहने में विफल रहते हैं। डाइट और फिटनेस रिजाइम फॉलो न कर पाने के ढेरों कारण होते हैं। ऐसे में यदि आप उन लोगों को गहराई से देखें जो सफल हैं तो आपको आपके अनुसार आपको उत्तर मिल जाता है - यदि आप अपने लक्ष्य पर टिके रहें तो आपको उचित परिणाम जरूर मिल सकता है। इसी प्रकार निवेशकों के सामने आने वाली चुनौतियां ज्‍यादा अलग नहीं हैं, लेकिन कुछ अनोखी चुनौतियां होती हैं जिसका निवेशकों को सामना करना पड़ता है। मुख्य रूप से सीमित ज्ञान, बाइसेस और बाजार की हलचल के डर के चलते अधिकांश निवेशकों के लिए वित्तीय निर्णय लेना कठिन होता है।

काफी लोग शेयर बाजार की स्थिति और उतार-चढ़ाव के चलते उससे दूर रहते हैं। इसकी तुलना उस फिक्स्ड रिटर्न से करें जो वे बैंक डिपॉजिट से ब्याज के रूप में कमाते हैं, जो अधिक स्थिर, अनुमानित और सुरक्षित प्रतीत होता है। यदि आप निवेश या लंबी अवधि के लिए निवेशित रहने से बचते हैं तो ये कारण आपको वेल्‍थ गेन करने से दूर कर देते हैं।

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एक आम आदमी के लिए स्टॉक, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड और सोना आदि जैसे ढेरों प्रकार के निवेश करने के लिए वित्तीय साधन मौजूद हैं। अब वह शेयर बाजार के अंदर लिस्‍टेड कंपनी या किसी नई कंपनी के शुरुआती सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) में निवेश कर सकता है। जब म्युचुअल फंड की बात आती है तो घरेलू व अंतरराष्ट्रीय इक्विटी, कई प्रकार के ऋण के साधन और सोना विकल्प के तौर पर आते हैं। वित्तीय साधन तरह-तरह की सामग्री के रूप में नजर आते हैं, पर किसी गोल या वेल्‍थ क्रियेशन का समाधान नहीं होते। इसके बारे में विचार करें तो अधिकांश निवेशक एक सरल, कम रखरखाव और भरोसेमंद निवेश समाधान की तलाश में रहते हैं। ऐसे में हम निवेश से संबंधित हर समस्या के समाधान को लेकर तैयार हैं।

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निवेशकों की जरूरतों का जवाब

टाइम टेस्‍टेड और सक्‍सेसफुल इंवेस्‍टमेंट की स्‍ट्रेटिजी में एसेट, एलोकेशन, डायवर्सिफिकेशन और रीबैलेंसिंग का महत्‍व काफी होता है। ये सुनने में आसान लगता है पर यह ऐसे सिद्धांत पर काम करने वाला कोई तैयार सहज उत्पाद या सेवा नहीं है। इस‍लिए हमने ईटी मनी जीनियस विकसित किया है जो निवेशकों की चिंताओं का समाधान करता है। जीनियस निवेशकों की एसेट, एलोकेशन, डायवर्सिफिकेशन और रीबैलेंसिंग की जरूरत को पूरा करता है।

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ईटी मनी जीनियस में सबसे पहले निवेशक एक रिस्‍क एसेस्‍मेंट करते हैं। यह एक डायनेमिक टूल चेंन जो इन्‍वेस्‍ट को एक रिजिड प्रोफाइल देने की बजाय उन्‍हें उनकी रिस्‍क लेने की क्षमता से रूबरू करवाता है। एक जीनियस की कार्यप्रणाली सफल निवेश गुरुओं के सिद्धांतों पर और उनके द्वारा निर्मित निवेश मॉडल पर आधारित होता है, पर उन्‍हें हर निवेशक के लिए पर्सनलाइज किया जाता है।

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ईटी मनी जीनियसके तहत 6 पोर्टफोलियो (शील्ड, स्टेबल, बैलेंस्ड, बैलेंस्ड प्लस, ग्रोथ और हाई ग्रोथ) मिलते हैं जो एक निश्चित निवेश समय सीमा, वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम प्रोफाइल पर आधारित होते हैं। ईटी मनी शिल्‍ड पोर्टफोलियो कम जोखिम वाले विकल्प के साथ अल्पकालिक लक्ष्यों के लिए उपयुक्त कवच है, वहीं लंबी अवधि के लक्ष्यों जैसे रिटायरमेंट व धन सृजन के लिए हमारे पास हाई ग्रोथ ऑप्‍शन भी मौजूद हैं। इनके अलावा कई और वैरियेंट और च्‍वाइसेस देते हैं। जिस प्रकार से व्यक्तिगत प्रशिक्षण और डाइट लोगों के लिए काम कर सकता है, वैसे ही व्यक्तिगत निवेश समाधान भी काम करेगा।

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जीनियस को शेयर बाजार की पास्‍ट की अलग-अलग सिचुएशन में टेस्‍ट किया गया है। हम भरोसे के साथ कह सकते हैं कि यह निवेशक के चिंताओं के समाधान में सबसे खास है। यह निवेशकों को जोखिम के प्रति उनकी सहूलियत के अनुसार मदद करता है। इसके अलावा निवेश लक्ष्यों और समय सीमा के अनुरूप पोर्टफोलियो का सुझाव देता है। निवेश के प्रबंधन के साथ व्‍यवस्थित रूप से रीबैलेंसिंग पर भी गौर करता है। वेल्‍थ मैनेजमेंट में वैयक्तिकरण की यह अवस्‍था अभूतपूर्व है जो एक टैप के जरिये आपके मोबाइल पर मौजूद है।

हम निवेशकों के साथ उनकी निवेश यात्रा के दौरान हर वक्‍त बने रहते हैं। जीनियस के प्रभावकारी सहयोग से ग्रोथ और आत्मविश्वास में इजाफा होता है। इससे निवेशक इन्‍वेस्‍टेड रहते हैं और अपनी इन्‍वेस्‍टमेंट से बेहतरीन रिस्‍क-एडजस्‍टेड रिटर्न कमाते हैं।

ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग के बीच क्या अंतर है ? Trading Vs Investing

नमस्ते दोस्तों ! स्वागत है आपका आज के इस महत्वपूर्ण लेख में। आज हम शेयर मार्केट के ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग के बीच क्या अंतर है ? एवं पढ़ने वाले है। तो चलिए शुरू करते हैं.

Table of Contents

ट्रेडिंग क्या है ?

ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग के बीच क्या अंतर है ?

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग यह एक महत्वपूर्ण संकल्पना है। ट्रेडिंग के बिना शेयर मार्केट की बात ही नहीं हो सकती। शेयर मार्केट में हर दिन लाखों करोड़ों लोग ट्रेडिंग करते हैं आज हम ट्रेडिंग क्या है? इसके बारे में समझने वाले हैं।

शेयर बाजार में शेयर की लेनदेन या शेयर को खरीदना- बेचना मुनाफा कमाने के लिए इसी को ट्रेडिंग कहते हैं। स्टॉक एक्सचेंज पर जो सूचीबद्ध कंपनियों की शेयर्स होते है. उसमें ही खरीद-बेच करना, उसी ट्रेडिंग कहा जाता है। ट्रेडिंग को वित्तीय साधनों या प्रतिभागियों में लेनदेन करना कहा जाता है। ट्रेडिंग में आपको ज्यादा समय और जोखिम लग जाता है। आपको अपना समय ट्रेडिंग सीखने में देना पड़ता है, तभी आप ट्रेडिंग में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। ज्यादातर लोग बिना नॉलेज की ट्रेडिंग करते हैं और अपना पैसा गवाए बैठते हैं और बाद में शेयर मार्केट को जुआ बाजार मानकर बाजार से निकल जाते हैं। अगर आप बिना नॉलेज के स्टॉक मार्केट में उतरेंगे तो घाटा कर बैठेंगे।

इन्वेस्टिंग क्या है ?

ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग के बीच क्या अंतर है ?

इन्वेस्टिंग का मतलब है, अपने पैसे या अन्य संसाधनों को किसी ऐसी चीज की और लगाना जिससे आप आय (Income) अर्जित करने की उम्मीद करते हैं, लाभ कमाएं या कोई अन्य सकारात्मक लाभ बनाएं। जब आप निवेश इन्वेस्टिंग करते हैं तो आप ऐसी संपत्तियां खरीदते हैं जिनको आप समय के साथ मूल्य में वृद्धि की उम्मीद करते है, जिससे आपकी राशि बढ़ सकती है। Investing आपको लंबे समय के बाद करोड़पति बना सकती है। इसके बहुत सारे उदाहरण है जैसे कि, वारेन बफेट, राकेश झुनझुनवाला, विजय केडिया, पीटर लिंच इन लोगो ने शेअर बाजार मे लंबे समय तक अच्छे कंपनी मे निवेश कर के संयम रखा। बाद में, इन्ही निवेश ने उन्हें करोडो कमाके दिये।

ट्रेडिंग वर इन्व्हेस्टिंग के बीच क्या अंतर है ?

हमने अभी तक ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग के बीच मे जाना है। ट्रेडिंग के बीच का अंतर हमे पता होना चाहिये, आपके लिये बहुत जरुरी होता है। तो चलिए शुरू करते है –

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