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USD तकनीकी आउटलुक

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क्लाइमेट टेक इन्वेस्टमेंट के लिए भारत दुनिया के शीर्ष 10 में 9वें स्थान पर है, संयुक्त राज्य अमेरिका शीर्ष

कर्ज वृद्धि बनाए रखने में बैंक व्यवस्था बेहतर स्थिति में- दिनेश कुमार खारा

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क्लाइमेट टेक इन्वेस्टमेंट के लिए भारत दुनिया के शीर्ष 10 में 9वें स्थान पर है, संयुक्त राज्य अमेरिका शीर्ष

लंदन एंड पार्टनर्स और Dealroom.Co द्वारा ‘फाइव इयर्स ऑन: ग्लोबल क्लाइमेट टेक इन्वेस्टमेंट ट्रेंड्स सिन्स द पेरिस एग्रीमेंट’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2016 से 2021 तक जलवायु प्रौद्योगिकी निवेश के लिए शीर्ष 10 देशों की सूची में 9वें स्थान पर है। भारतीय जलवायु तकनीक फर्मों को इस अवधि में उद्यम पूंजी (VC) के रूप में 1 बिलियन अमरीकी डालर प्राप्त हुआ।

  • रिपोर्ट ने पेरिस, फ्रांस में 2016 के संयुक्त राष्ट्र कांफ्रेंस ऑफ़ पार्टीज(COP) के बाद से जलवायु क्षेत्र में रुझानों का विश्लेषण किया।
  • इस सूची में संयुक्त राज्य अमेरिका (US) 48 बिलियन अमरीकी डालर के साथ शीर्ष पर है, जिसके बाद चीन 18.6 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश करता है।

Dollar vs USD तकनीकी आउटलुक Rupee: डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड नए निचले स्तर पर लुढ़का रुपया, एक हफ्ते में 0.60% हुआ कमजोर

Rupee vs Dollar: रुपया पिछले सत्र में डॉलर के मुकाबले 79.26 USD तकनीकी आउटलुक के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया एक हफ्ते में 0.60 फीसदी कमजोर हुआ है. डॉलर के सामने इस साल मे 6.5% नीचे आया है.

डॉलर के मुकाबले रुपया इस साल 6.5 फीसदी गिरा है. (ZeeBiz.com)

Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपये (Rupee record new level) में कमजोरी जारी है. सोमवार को भी रुपये में गिरावट दर्ज की गई है. घरेलू शेयर बाजार (Stock Market) USD तकनीकी आउटलुक में सुस्ती और जोखिम से बचने के रुख के चलते USD तकनीकी आउटलुक रुपया आज शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड नए निचले स्तर 79.38 पर आ गया. रुपया पिछले सत्र में डॉलर के मुकाबले 79.26 के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया एक हफ्ते में 0.60 फीसदी कमजोर हुआ है. डॉलर के सामने इस साल मे 6.5% नीचे आया है.

Dollar Vs Rupee : शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 37 पैसे टूटा

Dollar Vs Rupee : शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 37 पैसे टूटा

Dollar Vs Rupee : विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती के बीच भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 37 पैसे टूटकर 81.63 पर आ गया. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 81.62 पर खुला, और फिर गिरावट के साथ 81.63 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 37 पैसे की कमजोरी दर्शाता है. विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि मजबूत अमेरिकी खुदरा बिक्री के आंकड़ों के बाद अमेरिकी करेंसी मजबूत हुई, जो धीमी अर्थव्यवस्था के बावजूद लचीली खपत की ओर इशारा करती है.

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वहीं, भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे लुढ़ककर 81.26 पर बंद हुआ था. इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.26 प्रतिशत बढ़कर 106.55 पर पहुंच गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.03 प्रतिशत नुकसान के साथ 91.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ USD तकनीकी आउटलुक गया.

घरेलू इक्विटी बाजार में, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 72.14 अंक या 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61,908.58 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, USD तकनीकी आउटलुक व्यापक एनएसई निफ्टी 32.60 अंक या 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,377.05 पर कारोबार कर रहा था. एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत USD तकनीकी आउटलुक निवेशक (एफआईआई) कैपिटल मार्केट में शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने बुधवार को 386.06 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे हैं.

रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट श्रीराम अय्यर USD तकनीकी आउटलुक ने कहा कि गुरुवार सुबह भारतीय रुपये की शुरुआत कमजोर नोट के साथ हुई, क्योंकि डॉलर स्थिर हो गया. निवेशकों ने उम्मीद से बेहतर खुदरा बिक्री के आंकड़ों के बाद यूएस फेड पॉलिसी के लिए आउटलुक का आकलन करने की कोशिश की.

भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से हो रही रिकवरी, अगले वित्त वर्ष में रहेगी शानदार ग्रोथ, जानिए आंकड़ों की जुबानी

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए प्रतीकात्मक तस्वीर PC: ANI

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हाल ही में अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में आगामी वित्त वर्ष (2021-22) में भारत की अर्थव्यवस्था के सबसे तेज 11.5 फीसद की रफ्तार से ग्रोथ करने का पूर्वानुमान जताया गया है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को बजट सत्र की शुरुआत में अपने अभिभाषण में कहा कि कोरोना के असर से भारतीय अर्थव्यवस्था उबर रही है। राष्ट्रपति कोविंद या भारत सरकार ही नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र से लेकर देशी-विदेशी तमाम एजेंसियों का यह मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था उम्मीद USD तकनीकी आउटलुक से अधिक तेजी से रिकवर कर रही है। सब जानते हैं कि कोरोना वायरस महामारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर काफी प्रतिकूल प्रभाव डाला, लेकिन प्रभावी सरकारी नीतियों के चलते USD तकनीकी आउटलुक इकोनॉमी तेजी से पटरी पर आ रही है। एक्सपर्ट्स बताते USD तकनीकी आउटलुक हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत पिछली तिमाही से ही देखने को मिल गए थे। आइए आंकड़ों से USD तकनीकी आउटलुक समझते हैं।

धनतेरस के पहले सोना हुआ सस्‍ता

आईआईएफएल के वीपी-रिसर्च, अनुज गुप्‍ता का कहना है कि गोल्‍ड मार्केट का ट्रेंड पॉजिटिव है. सबसे अच्‍छी बात है कि हफ्ते भर में सोना 52000 रुपये से टूटकर 50500 रुपये के करीब आ गया है. 2 साल कोविड के असर के बाद इस बार वैल्‍यू बॉइंग बढ़ने की उम्‍मीद है. इस साल धनतेस पर पिछले साल के मुकाबले 15 से 20 फीसदी बिक्री ज्‍यादा रहने की उम्‍मीद है.

दूसरी ओर देखें तो ग्‍लोबल मार्केट के लिए महंगाई और जियो पॉलिटिकल टेंशन के अलावा संभावित मंदी चिंता वाले फैक्‍टर हैं. सेंट्रल बैंकों को बार बार रेट हाइक का उतना फायदा नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए. इसलिए आगे उनका रुख नरम हो सकता है. इन वजहों से सोने में आगे रैली संभव है. उनका कहना है कि सोना अगली दिवारली तक 55000 से 57000 रुपये का भाव दिखा सकता है तो चांदी में 65000 से 70000 रुपये तक की तेजी संभव है.

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