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Index fund क्या होता है | Index fund में निवेश कैसे करे? 2023

Index fund क्या होता है : शेयर मार्केट हर किसी को समझ नही आ सकता। वजह है इसमें होने वाले उतार चढ़ाव और नियमित बदलाव, लेकिन आज निवेश कैसे करे के इस दौर में हर कोई इन्वेस्ट करना चाहता है। इन सभी चीजों को देखकर ही एक्सपर्ट हमे म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने की सलाह देते है। परंतु आज के समय में म्यूचुअल फंड्स भी मार्केट के उतार चढ़ाव के साथ कम रिटर्न्स दे पा रहे है। इसी वजह से अब लोग एक नए ऑल्टरनेटिव की तरफ तेजी से बढ़ रहे है। इसका नाम है इंडेक्स फंड, यह इंडेक्स फंड भी म्यूचुअल फंड्स की तरह ही है लेकिन इसके कई फायदे है।

आज के समय में इंडेक्स फंड्स को जानना जरूरी है क्योंकि यह एक अच्छा इन्वेस्टमेंट में मदद कर सकता है। तो अगर आप एक अच्छा इन्वेस्टमेट के बारे में सोच रहे है या फिर आप सीधे इंडेक्स फंड्स के बारे में जानना चाह रहे है, तो यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। तो आईए सबसे पहले Index fund क्या होता है जान लेते है।

Table of Contents

Index fund क्या है?

Index fund क्या होता है : इंडेक्स फंड म्यूचुअल फंड्स की तरह ही होता है, जहां आपका पैसा किसी खास इंडेक्स में निवेश किया जाता है। जहा एक और आप म्यूचुअल फंड्स में पैसा निवेश करने के साथ पैसा का कहा निवेश करना है? कैसे करना है? सब कुछ फंड्स निवेश कैसे करे मैनेजर पर छोर देते है। तो वही इंडेक्स फंड्स में आप अपने पैसा के लिए सेक्टर खुद चुन सकते है।

जैसे मान लीजिए अपने इन्वेस्टमेंट के लिए निफ्टी 50 इंडेक्स फंड्स को चुना तो आपके द्वारा निवेश किए गए सारे पैसे निफ्टी 50 के सभी शेयर्स में उसके वेटेज के अनुसार निवेश कर दिए जाएंगे। इसके कई फायदे है और कुछ नुकसान भी। आईए सबसे पहले आपको ये समझते है की Index fund म्यूचुअल फंड्स से कैसे अलग है।

Index fund Vs Mutual fund in Hindi

Index fund और Mutual fund दोनो ही एक तरह की इन्वेस्टमेंट स्कीम है। दोनो में आप इन्वेस्टमेंट कर सकते है। दोनो में इन्वेस्ट करने के लिए आपको शेयर मार्केट का एक्सपर्ट होने की आवश्यकता नही है। इसे फंड मैनेजर के द्वारा संचालित किया जाता है। जहा एक और म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्ट किए हुए पैसे को फंड मैनेजर अपने ज्ञान के अनुसार कही भी इन्वेस्ट कर सकता है। तो वही इंडेक्स फंड में आप अपने हिसाब से इंडेक्स चुन सकते है,

जैसे मान लीजिए आपको लगता है की आने वाले समय ने बैंकिंग सेक्टर अच्छा परफॉम करेगा तो आप बैंक निफ्टी फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते है। इसी तरह अगर आपको लगता है की आने वाले समय ने निफ्टी 50 अच्छा परफॉर्म करेगा तो आप निफ्टी 50 फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते है। जहा एक और म्यूचुअल फंड्स में ज्यादा रिटर्न के साथ ज्यादा जोखिम बना रहता है, तो वही आप इंडेक्स फंड्स में कम जोखिम के साथ अच्छा रिटर्न्स कमा सकते है।

Index fund में invest कैसे करे?

अब जब आप इंडेक्स फंड्स के बारे में जान चुके है, तो सबसे पहला सवाल आपके दिमाग में आएगा की Index fund में invest कैसे करे? तो आईए हम आपको इसकी प्रक्रिया को बताते है।
इंडेक्स फंड्स में निवेश करने के लिए आप फंड ऑफ हाउस की ऑफिशियल वेबसाइट को विजिट कर सकते है या फिर आप किसी भी ब्रोकर के ऐप के मदद से भी इसमें इन्वेस्टनेट कर सकते है। यहा पर आप सभी इंडेक्स फंड्स के परफॉर्मेंस को चेक कर सकते है। इसके साथ ही आप इसमें एसआईपी समेत कई अन्य तरह के इन्वेस्टमेंट प्लान कर सकते है।

Best index fund in Hindi in 2022

जब भी आप Index fund में इनवेस्ट करने जाए तो सभी फंड्स के परफॉर्मेंस को जरूर चेक करे। और सबसे जरूरी बात किसी भी फंड्स के पास्ट परफॉर्मेंस के आधार पर उसके फ्यूचर परफॉर्मेंस को लेकर आश्वस्त न हो। चुकी, शेयर मार्केट जोखिम और रिवार्ड्स दोनो के लिए जाना जाता है, इसलिए हमेशा रिस्क को देखकर की निवेश करे तभी आप एक अच्छा रिवार्ड ले पाएंगे। आपके सहूलियत के लिए यहां Best index fund को दिया जा रहा है। इसके मदद से आप अपने इन्वेस्टमेंट की राह में आगे बढ़ पाएंगे। इसके साथ ही आप कुछ अच्छे index fund को जान पाएंगे।

  • यूटीआई निफ्टी फंड- डायरेक्ट
  • एलआईसी म्यूचुअल फंड्स सेंसेक्स
  • निप्पोन इंडिया इंडेक्स फंड्स
  • आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी नेक्स्ट 50
  • एचडीएफसी इंडेक्स फंड्स- निफ्टी प्लान- डायरेक्ट प्लान
  • एसबीआई निफ्टी इंडेक्स फंड
    निवेश कैसे करे
  • आईडीएफसी निफ्टी 50 इंडेक्स फंड्स

दोस्तो, अब तक हमने आपको Index fund से जुड़े हुए कई सवालों के जवाब दे दिए है। एक अच्छा इन्वेस्टमेंट एक दिन में नही किया जा सकता है। इसे धीरे धीरे समझ कर करना होता है। आईए अब आपको इंडेक्स फंड्स से जुड़े कुछ बार-बार पूछे जाने वाले सवाल और उसके जवाब बताते है। ये सवाल और जवाब आपको आपके Index fund इन्वेस्टमेंट में मदद करेंगे।

FAQ : Index fund से जुड़े कुछ सवाल के जवाब :

Q : Index fund क्या होता है?

Ans : इंडेक्स फंड्स भी एक तरह का म्यूचुअल फंड्स होता है, जिसमे आपके पैसे फंड्स मैनेजर के द्वारा इन्वेस्ट किया जाता है। हालाकि म्यूचुअल फंड्स के उल्ट इसमें आप अपने अनुसार सेक्टर यानी इंडेक्स चुन सकते है।

Q : क्या Index fund , Mutual fund है?

Ans : Index fund को म्यूचुअल फंड का पार्ट्स कह सकते है, लेकिन वास्तव में दोनो अलग अलग है। दोनो का अपना महत्व है।

Q : Index funds और mutual funds दोनो में से कोन सा अच्छा है?

Ans : Index fund और mutual fund दोनो एक तरह की फंड स्कीम है। दोनो के अपने फायदे नुकसान है, अगर आप कम रिस्क में अच्छा रिटर्न्स चाहते है तो इंडेक्स फंड्स आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है।

Q : Index fund में कितना रिटर्न्स मिलता है?

Ans : किसी भी Index का रिटर्न या परफॉर्मेंस आप उसके ऑफिशियल वेसबाइट पर या एनएसई, बीएसई की वेबसाइट पर चेक कर सकते है। अमूमन आप इसमें ऑन एवरेज 5 से 10% सालाना रिटर्न्स कमा सकते है।

Q : Index fund में कितना खर्च होता है?

Ans : इसमें आपको बहुत कम खर्च करना पड़ता है, तकरीबन 0.20 से 0.40%। चुकी इसको पैसिवली मैनेज किया जाता है, अत: खर्च यानी चार्जेस कम लगते निवेश कैसे करे है।

Q : Top index fund इन 2022

Ans : हमने इसके बारे में आपको आर्टिकल के मध्य में विस्तार से बताया है। रेफरेंस के लिए आप इस लिस्ट को देखे। यूटीआई निफ्टी फंड- डायरेक्ट, एलआईसी म्यूचुअल फंड्स सेंसेक्स ,निप्पोन इंडिया इंडेक्स फंड्स

दोस्तों, आज के समय में Index fund काफी प्रचलित हो रहा है। लोग इसमें बढ़ चढ़कर इन्वेस्टमेंट कर रहे है, इस आर्टिकल के माध्यम से हमने इंडेक्स फंड्स को लेकर आपके मन में उठ रहे हर सवालों का जवाब देने की कोशिश की निवेश कैसे करे है। अगर आपके पास इससे जुड़ा कोई सवाल हो तो आप हमे कमेंट करके बताए। इसके साथ ही आप अपने सुझाव या शिकायत भी कमेंट के माध्यम से दर्ज कर सकते है। उम्मीद है यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा होगा, इसे अपने मित्रो के साथ शेयर करना ना भूले। मिलते है ऐसे ही कुछ जानकारी से भरे हुए आर्टिकल के साथ, तब तक आप हमारे वेबसाइट को बुकमार्क करके जुड़े रहे।

अमेरिकी शेयर बाजार में कैसे करें निवेश, क्या ये सही समय है?

एक वित्तीय वर्ष में 2,50,000 डॉलर यानी करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये भारतीय सीमा के बाहर निवेश कर सकते हैं.

अमेरिकी शेयर बाजार में कैसे करें निवेश, क्या ये सही समय है?

जबरदस्त रिटर्न के लिए अच्छी और मुनाफा बनाने वाली कंपनी की तलाश हर निवेशक को होती है. हो सकता है ऐसे में आपका मन टेस्ला, अमेजन या नेटफ्लिक्स जैसी कंपनी पर आया हो जो भारतीय बाजार नहीं बल्कि US के बाजार में निवेश के लिए मौजूद है. आइए ऐसे में समझते हैं एक भारतीय निवेशक के लिए अमेरिकी बाजार में निवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं को-

अमेरिका में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज के ऐलान के बाद S&P 500 इंडेक्स अप्रैल में पहली बार 4,000 का स्तर पार कर गया.

कितना बड़ा है US स्टॉक मार्केट?

अमेरिकी शेयर बाजार दुनिया का सबसे बड़ा इक्विटी मार्केट है. US के दो बड़े स्टॉक एक्सचेंज, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और नैस्डैक में अमेजन, टेस्ला, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इत्यादि विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों के शेयर लिस्टेड हैं. अमेरिकी बाजार से जुड़े विभिन्न इंडेक्स जैसे S&P 500 निवेश कैसे करे इंडेक्स, डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज और नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्सों का इस्तेमाल निवेशकों की दृष्टि से US और विश्व की अर्थव्यस्था को समझने के लिए किया जाता है. साथ ही दुनिया के दूसरे बाजारों पर भी इनकी दिशा का बड़ा असर होता निवेश कैसे करे है. दूसरे देशों की कंपनियां भी विभिन्न वजहों से अपनी लिस्टिंग US बाजार में करवाती है.

निवेश के क्या हो सकते हैं फायदे?

निवेशक हमेशा रिस्क को कम करने के लिए अपने पोर्टफोलियो में विभिन्न सेक्टर और अलग अलग तरह के स्टॉक्स रखना चाहते हैं. इस दृष्टि से किसी भी बाहरी बाजार में निवेश नए विकल्पों को खोल देता है. US बाजार में कई दूसरे देशों की कंपनियों भी खुद को लिस्ट करवाती है.

बीते वर्षों में अमेरिकी बाजार में भारतीय बाजार की तुलना में कम वोलैटिलिटी देखी गई है. काफी बार रिटर्न के मामले में भी US के बाजार का प्रदर्शन भारतीय बाजार से बेहतर रहा है. रुपये के डॉलर की तुलना में कमजोर होने का भी निवेशकों को फायदा मिल सकता है.

स्टार्टअप हब होने के कारण US में अच्छी क्षमता वाली कंपनियों में शुरुआत में निवेश का मौका होता है. इसी तरह भारत या अन्य बाजारों में कई बड़ी कंपनियों की सब्सिडियरी लिस्ट होती है जबकि US बाजार में सीधे निवेश से ज्यादातर ऐसी कंपनियों में आसानी से निवेश कर सकते हैं.

कैसे कर सकते हैं निवेश शुरु?

US बाजार में निवेश के दो रास्ते हैं.

पहला तरीका सीधे निवेश का है. इसमें निवेशक भारतीय बाजार की तरह ही ब्रोकर के साथ रजिस्ट्रेशन कर स्टॉक्स में खरीद बिक्री कर सकता है. आजकल भारतीय ब्रोकरेज कंपनियां भी अमेरिकी ब्रोकरेज हाउस के साथ करार कर निवेशकों को आसान निवेश की सुविधा देती हैं. निवेशक जरूरी पैन कार्ड, घर के पते को सत्यापित करने वाले ID के साथ सीधे अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी के साथ भी बाजार में व्यापार के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.

दूसरा तरीका म्यूचुअल फंड के रास्ते निवेश का हो सकता है. भारत में अनेकों म्यूचुअल फंड US बाजार आधारित फंड चलाते हैं. ऐसे फंड या तो सीधा अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड शेयरों में निवेश करते हैं या ऐसे बाजारों से जुड़े दूसरे म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं. इस प्रक्रिया में किसी अलग तरह के रजिस्ट्रेशन और बाजार के गहरी समझ निवेश कैसे करे की जरूरत नहीं है.

पैसों के लेनदेन की क्या है प्रक्रिया?

अमेरिकी बाजार में निवेश के लिए भारतीय करेंसी को US डॉलर में बदलना होता है. फॉरेन एक्सचेंज संबंधी गतिविधि होने के कारण यहां RBI के लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के निवेश कैसे करे नियमों का पालन जरूरी है. नियमों के तहत एक व्यक्ति बिना विशेष अनुमति के एक वित्तीय वर्ष में 2,50,000 डॉलर यानी करीब 1 करोड़ 80 लाख रूपये भारतीय सीमा के बाहर निवेश कर सकता है.

किसी भी बाजार में निवेश से बनाए पैसे पर भारत सरकार टैक्स लगाती है. नियमों के अनुसार अवधि के मुताबिक शार्ट या लांग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगाया जा सकता है. हालांकि डिविडेंड पर टैक्स US गवर्नमेंट लगाती है.

निवेश से पहले किन बातों को समझना जरूरी?

US या अन्य विदेशी बाजारों में निवेश से पहले इन्वेस्टमेंट से जुड़े विभिन्न तरह की फीस और चार्ज को समझना काफी जरूरी है. रुपये को डॉलर में कन्वर्ट करने की प्रक्रिया से लेकर म्यूचुअल फंड द्वारा चार्ज की जाने वाली एक्स्ट्रा फीस कमाई पर असर डाल सकती है. ब्रोकरेज कंपनियां भी स्पेशल दरों पर ब्रोकरेज चार्ज करती है. ऐसे में बेहतर है कि शार्ट टर्म के लिए और ज्यादा समझ के बिना निवेश ना करें. लंबे समय के निवेश ज्यादा रिटर्न दिला सकता है. ज्यादा रिस्क से बचने के लिए इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड में निवेश बेहतर हो सकता है.

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Mutual Fund में निवेश कैसे करें?

क्या आप लोग जानते हैं कि Mutual Fund क्या है Mutual Fund Investment कैसे करें और म्यूचुअल फंड के फायदे और नुकसान क्या है अगर नहीं तो मैं आज आपको इसके बारे में डिटेल में बताऊंगा?

Mutual Fund me Investment Kaise Kre

बहुत से लोग इधर-उधर से सुनकर म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर देते हैं और उसका नतीजा पैसा डूब जाता है। लेकिन अगर आप Mutual Fund में सही तरीके से निवेश करें तो आपका पैसा डूबने की वजह फायदे में भी जा सकता है। यही तो सच है कि Mutual Fund में Risk बहुत है और बहुत से लोग तो risk के कारण अपना पैसा निवेश करने से भी डरते हैं.

खैर छोड़िए मैं आपको आज डिटेल में बताऊंगा कि निवेश कैसे करे आखिरकार म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट क्यों करना चाहिए। आपको बता दे की जरूरी नहीं कि म्युचुअल फंड में निवेश करने के लिए जब आपके जेब में लाखों रुपए हो तभी आप इन्वेस्ट कर सकते हो।


आप चाहे तो 500 रुपए महीने में भी अपना इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हैं बहुत से लोगों को Share/Stock Market और Mutual fund एक ही लगता है इसलिए हम आपको बता देते हैं कि यह दोनों ही बाजार का हिशक है लेकिन यह गलत है कि शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड एक ही है। इन दोनों में आसमान और जमीन का अंतर है।

म्यूच्यूअल फंड क्या है - Mutual Fund In Hindi

अगर म्यूच्यूअल फंड को आसान भाषा में कहे तो यह एक सामूहिक निवेश है इसका सीधा मतलब यह हुआ कि इसमें कई सारे लोगों के द्वारा जमा किया जाने वाला एक फंड है।

इसका इस्तेमाल मार्केट में अलग-अलग जगह निवेश किया जाता है, और कोशिश की जाती है कि निवेशकों के द्वारा जमा किया गया पैसा मैं ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हो।
यानी कि म्यूचुअल फंड में निवेशक पैसे से पैसा कमाने की कोशिश करते हैं।

म्यूचुअल फंड के प्रकार, Types Of Mutual fund

दोस्तो वैसे तो मैं आपको म्यूचुअल फंड के टाइप्स के बारे में ज्यादा ब्रीफ में नहीं बताऊंगा। अगर आप लोग म्यूचुअल फंड के टाइप्स के बारे में डिटेल में जान आना चाहते हैं। तो आपको इसके बारे में बहुत सी वेबसाइट मिल जाएगी। जहां पर इसके बारे में डिटेल में जान सकते है लेकिन इतना बता देता हूं कि म्यूचुअल फंड कितने प्रकार और कौन-कौन से होते हैं :-


1) इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund)
2) डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund)
3) हाइब्रिड म्यूच्यूअल फंड ( Highbrid Mutual Fund )
4) सल्यूशन ओरिएंटल म्यूच्यूअल फंड (Salution Oriented Mutual Fund)

म्यूच्यूअल फंड में निवेश कैसे करे( Mutual Fund Investment in Hindi)

दोस्तों वैसे तो आपको मैचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने को अनेकों एंड्राइड एप्लीकेशन मिल जाएंगे जैसे कि Groww App, MyCams, IPRU Touch App इत्यादि जिसकी मदद से आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।


दोस्तों मेरी सलाह यही है कि आप Mutual fund में Invest करने के लिए Groww App ka प्रयोग करें क्योंकि इसका इस्तेमाल आप बहुत ही आसानी से कर लेंगे।

  • Groww App क्या है और Groww App में registration कैसे करें

म्यूच्यूअल फंड के फायदे (Mutual Fund Benifit in hindi)

1) विविधता (Diversification)

दोस्तों आपको बता दें कि mutual fund में इन्वेस्टमेंट करने का सबसे अच्छा फायदा यह है कि यहां पर पैसे को एक जगह के अलावा छोटे-छोटे भाग करके कई जगह निवेश कर सकते हैं। जिससे आपके risk में काफी कमी होती है।

2) सस्ता (Affordable)

दोस्तों अगर आप अकेले बड़ी कंपनियों के शेयर खरीदेंगे तो आपके लिए महंगे पड़ेंगे लेकिन म्यूचुअल फंड में छोटे छोटे लोगों का पैसा इकट्ठा होकर बड़ा रकम बन जाता है। जिससे बड़ी कंपनियों में निवेश आसानी से किया जाता है। म्यूच्यूअल फंड छोटे निवेशकों के लिए बड़ी कंपनियों में निवेश करने का एक अच्छा विकल्प है।

3) टैक्स बेनिफिट (Tax Benifit)

जब आप शेयर बाजार में निवेश करेंगे तो आपको शेयर को खरीदने या बेचने का पर टैक्स देना पड़ता है लेकिन म्यूचुअल फंड में आपको कुछ अवधि तक टैक्स पर छूट मिलती हैं।

4) सुरक्षित निवेश (Safe Investment)

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना आपके लिए सुरक्षित होता है। क्योंकि यहां पर SEBI की देखरेख में काम किया जाता है SEBI का मतलब है Security Exchange Board Of India.

म्यूचुअल फंड में निवेश करना आपके लिए Easy होता है। जहां पर आप आसानी से निवेश कर सकते हैं यानी कि शेयर मार्केट या किसी और जगह निवेश करना आपके लिए जटिल होता है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने का Risk या नुकसान ( Mutual Fund Investment Loss In Hindi)

दोस्तों आपको बता दें कि आजकल mutual fund में निवेश करना बहुत ही आसान हो गया है जिसके कारण बहुत से लोग म्यूचुअल फंड के फायदे देखकर निवेश करना शुरू कर देते हैं। अगर आप भी mutual fund के फायदे जान के निवेश करने को सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं।
मतलब यह कि अगर म्यूचुअल फंड के फायदे देखकर निवेश करना बिना नुकसान यानी कि Risk को देखे हुए तो आपका पैसा डूब भी सकता है। वैसे आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है मैं आपको म्यूचुअल फंड में क्या-क्या risk है बारीकी से बताऊंगा।

1) कम मुनाफा (Less Profit)

अगर आप यह सोच रहे हैं कि एक बार mutual fund में investment कर दे और आपको सालों तक बहुत ज्यादा मुनाफा होगा तो शायद आप गलत है। क्योंकि म्यूचुअल फंड में निवेश करने से अगर केवल मुनाफा ही हो तो हर कोई म्यूचुअल फंड में बिना डरे निवेश करना शुरू कर दे। मतलब कहने का है कि म्यूचुअल फंड में आपको हर साल एक तरह का मुनाफा देखने को नहीं मिलेगा। इस मार्केट में मुनाफे में कम ज्यादा भी होता रहता है। यहां तक कि आपको नुकसान भी हो सकता है लेकिन अगर आप सही तरीके से निवेश करें तो आपको नुकसान होने के chances कम हो जाता है।

2) जायदा लागत (High Cost)

दोस्तो जैसे कि पहले आपको बताया था कि मैचुअल फंड में निवेश करना सस्ता है, तो फिर यह क्या है आपको बता दें कि इसमें आपके fund को manage करने के लिए कुछ लागत लगती है। और जब भी आप म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट से बाहर निकलना चाहेंगे तो आपको एग्जिट लोड का भी चार्ज देना पड़ता है इसलिए म्यूच्यूअल फंड से बाहर निकलने के लिए एग्जिट लोड चार्जेस के बारे में बहुत अच्छे से जान ले।

आपने क्या जाना

दोस्तों इस पोस्ट में मैंने आपको म्यूचुअल फंड क्या होता है म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें और म्यूचुअल फंड में क्या फायदे और नुकसान के बारे में बताया है आशा करता हूं आपको मेरी पोस्ट को पढ़ने में कुछ मदद मिली होगी।

Important Note- Mutual Funds में निवेश करने से पहले सारे दस्तावेज और फंड्स से जुडी सारी जानकारियां को ध्यान से जरूर पढ़ें किसी भी तरह के नुक्सान के आप स्वयं ज़िम्मेदार होंगे.

कमाई कम है ? SIP में करें निवेश, जानिए ऑनलाइन कैसे करें शुरू

रामानुज सिंह

जिनके पास ज्यादा पैसा नहीं है। वे हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करते हैं। उनके लिए SIP में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होगा। जानिए इसमें ऑनलाइन निवेश कैसे करें।

Income is low ? Invest in SIP, know how to start online

  • मासिक वेतन पाने वालों एसआईपी में निवेश फायदेमंद है
  • इसके जरिये म्यूचुअल फंड में पैसा लगाया जाता है
  • निवेशक को 500 रुपए की राशि एसआईपी शुरू कर सकते हैं

व्यवस्थित निवेश योजना (Systematic Investment Plan), जिसे आमतौर पर SIP के तौर पर जाना जाता है। यह निवेशकों को म्यूचुअल फंड योजनाओं में नियमित रूप से एक निश्चित राशि को निवेश करने की अनुमति देता है। एसआईपी के तहत, निवेशकों द्वारा चुने गए म्यूचुअल फंड की ओर किसी एक बचत खाते से हर महीने एक निश्चित राशि काटी जाती है।

पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट्स के अनुसार, एसआईपी के माध्यम से निवेश करना मासिक वेतन पाने वालों के लिए म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने का सबसे अच्छा तरीका है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन प्लान है, जिनके पास ज्यादा पैसा नहीं है। जो एक साथ ज्यादा निवेश नहीं करते हैं। विभिन्न योजनाएं हैं जो निवेशक को 500 रुपए की राशि के साथ एसआईपी शुरू करने की अनुमति देती हैं।

SIP ऑनलाइन कैसे शुरू करें?

  1. एसआईपी शुरू करने के लिए पैन कार्ड, एक एड्रेस प्रूफ, एक पासपोर्ट साइज फोटो और एक चेक बुक की जरुरत होती है।
  2. म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए नो योर कस्टमर (KYC) आवश्यकताओं का पालन करना अनिवार्य है।
  3. KYC पूरा होने के बाद आप फंड हाउस की वेबसाइट पर जा सकते हैं और अपनी पसंद का SIP चुन सकते हैं।
  4. नया अकाउंट रजिस्टर करने के लिए 'Register Now' लिंक पर क्लिक करें।
  5. फॉर्म जमा करने से पहले, आपको सभी पर्सनल डिटेल और कॉन्टैक्ट इनफॉर्मेशन भरना आवश्यक है।
  6. ऑनलाइन लेन-देन के लिए एक यूजरनेम और पासवर्ड चुनें।
  7. बैंक खाते की डिटेल प्रस्तुत किया जाना चाहिए जिससे SIP भुगतान काटा जाएगा।
  8. अपने यूजर नेम के साथ लॉग इन करने के बाद आप जिस स्कीम में निवेश करना चाहते हैं उसे चुनें।
  9. एक बार रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाने पर और फंड हाउस से कंफर्मेशन मिलने के बाद निवेश शुरू कर सकते हैं।
  10. SIP आमतौर पर 35-40 दिनों के अंतराल के बाद शुरू होते हैं।

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SIP Investment Tips

Things to Know before invesment in SIP Mutual Funds

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Cryptocurrency में निवेश करना चाहते हैं, तो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले करने होंगे ये काम

क्रिप्टो में निवेश करना थोड़ा जटिल प्रक्रिया हो सकती है. इसमें माइनिंग, क्रिप्टो एक्सचेंज पर ट्रेडिंग फिर क्रिप्टो वॉलेट को मेंटेन करने जैसी कई जरूरी चीजें होती हैं, जिनकी जानकारी होनी जरूरी होती है. हम आपको निवेश से पहले की कुछ बेसिक बातें बता रहे हैं.

Cryptocurrency में निवेश करना चाहते हैं, तो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले करने होंगे ये काम

Cryptocurrency : क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना थोड़ा जटिल हो सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों के बीच में बहुत ही पॉपुलर इन्वेस्टमेंट टूल बन चुका है. इसमें अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव रहने के बावजूद इसमें लगातार निवेश बढ़ रहा है. इसके पीछे कारण है कि क्रिप्टो में निवेश अच्छा रिटर्न देता है. सबसे ज्यादा पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन, इथीरियम और डॉजकॉइन जैसे कुछ और कॉइन्स हैं. क्रिप्टो में निवेश करना थोड़ा जटिल प्रक्रिया हो सकती है. इसमें माइनिंग, क्रिप्टो एक्सचेंज (Crypto Exchange) पर ट्रेडिंग फिर क्रिप्टो वॉलेट को मेंटेन करने जैसी कई जरूरी चीजें होती हैं, जिनकी जानकारी होनी जरूरी होती है. हम आपको निवेश से पहले की कुछ बेसिक बातें बता रहे हैं, ताकि अगर आप यह निवेश शुरू करते हैं तो आपको जरूरी बातें पहले से पता रहें.

यह भी पढ़ें

अगर आप क्रिप्टो में निवेश शुरू कर रहे हैं तो आपको पहले क्रिप्टो एक्सचेंज से शुरुआत करनी चाहिए. क्रिप्टो एक्सचेंज वो प्लेटफॉर्म होता है, जहां निवेशक शेयर मार्केट की तरह क्रिप्टो करेंसी खरीदते-बेचते हैं और इसकी ट्रेडिंग करते हैं. लेकिन शेयर मार्केट के उलट, क्रिप्टो मार्केट सातों दिन चौबीसों घंटे चलता है और इसको रेगुलेट करने वाली कोई संस्था नहीं होती है. यह खुद ही खुद को रेगुलेट करता है.

हम आपको क्रिप्टो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले की कुछ जरूरी बातें यहां बता रहे हैं-

1. क्रिप्टो एक्सचेंज चुनना

क्रिप्टो में ट्रेडिंग शुरू करने के लिए आपको सबसे बेहतर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ढूंढना होगा. भारत में फिलहाल बहुत सारे एक्सचेंज काम कर रहे हैं, जिसमें CoinSwitch Kuber, WazirX, BuyUCoin सहित कई अन्य हैं.

2. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करना और KYC प्रोसेस

किसी भी बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए जिस तरह डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है, वैसे ही क्रिप्टो एक्सचेंज पर ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने के लिए भी आपको आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, पैन कार्ड वगैरह जैसे डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आपका अकाउंट वैध और सही हो. इससे आपके अकाउंट की भी सुरक्षा होगी. इसके अलावा आपको अपना पेमेंट ऑप्शन भी देना होगा. इसी पेमेंट ऑप्शन से आप ट्रेडिंग शुरू होने के बाद डिपॉजिट और विदड्रॉल वगैरह करेंगे.

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3. अपना ट्रेडिंग ऑर्डर डालना

एक्सचेंज के पास डॉक्यूमेंट और पैसे डिपॉजिट करने के बाद जरूरी नहीं है कि आप तुरंत ट्रेडिंग शुरू कर पाएंगे. इसके बाद वो एक्सचेंज आपकी डिटेल्स को वेरिफाई करेगा, इसमें थोड़ा टाइम लग सकता है. जब केवाईसी प्रोसेस पूरा हो जाता है तो एक्सचेंज अपने यूजर को इसे लेकर नोटिफाई कर देता है. रही बात कि ट्रेडिंग की तो क्रिप्टो मार्केट 24/7 खुला रहता है, आप कभी-कभी ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं. अगर आपने कोई क्रिप्टोकरेंसी खरीद ली तो फिर या तो आप इसे डिजिटल वॉलेट में स्टोर कर सकते हैं या फिर इसे फ्लैट करेंसी में कन्वर्ट करवाकर विदड्रॉ कर सकते हैं.

4. छोटे अमाउंट से शुरू करें निवेश

क्रिप्टो मार्केट बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव का शिकार होता है. यहां जितनी तेजी से कीमतें बढ़ती हैं, उतनी ही तेजी से गिरती भी हैं. ऐसे में समझदारी इसी में है कि शुरुआत में आप जितना रिस्क उठा सकें, उतना ही निवेश करें. हमेशा छोटे निवेश से निवेश कैसे करे शुरू करना चाहिए. हमेशा निवेश से पहले अपनी रिसर्च कर लीजिए. जब मार्केट पर पकड़ लगने लग जाए तो फिर आप अपना निवेश बढ़ा सकते हैं.

5. पहले एक ही क्रिप्टो चुनें

निवेश की शुरुआत में एक ही क्रिप्टो में निवेश करें. और ऐसा ही क्रिप्टोकॉइन या टोकन चुनें, जिसमें निवेश को लेकर आप पूरी तरह से श्योर हों. निवेश के बाद अपने फैसले पर अडिग रहें और फिर अपना प्रोग्रेस मॉनिटर करें. इसके बाद ही अपना पोर्टफोलियो बढ़ाने के बारे में सोचें.

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