निवेश योजना

बिटकॉइन के नुकसान

बिटकॉइन के नुकसान
cryptocurrency

बिटकॉइन के नुकसान

क्या आप जानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन पर्यावरण और जलवायु के दृष्टिकोण से काफी खतरनाक है। हाल ही में इसपर की गई एक नई रिसर्च से पता चला बिटकॉइन के नुकसान है कि 2021 में हर बिटकॉइन के खनन से जलवायु को 11,314 अमेरिकी डॉलर के बराबर क्षति हुई थी।

वहीं शोध में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि इसके बिटकॉइन उद्योग में परिपक्वता आने के साथ इसकी प्रति कॉइन जलवायु क्षति घटने की बजाय बढ़ रही है, जोकि चिंता का विषय है। गौरतलब है कि 2016 में जहां प्रति बिटकॉइन माइनिंग से 0.9 टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन हुआ था जो 2021 में बढ़कर 113 टन पर पहुंच गया था। इस तरह देखा जाए तो इस अवधि में बिटकॉइन माइनिंग से होने वाले उत्सर्जन में करीब 125 गुना वृद्धि हुई है।

इस बारे में न्यू मैक्सिको विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर और अध्ययन से जुड़े शोधकर्ता बेंजामिन ए जोन्स का कहना है कि, "हमें इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि बिटकॉइन माइनिंग समय के साथ ज्यादा सस्टेनेबल होता जा रहा है।"

वहीं यदि 2016 से 2021 के बीच जितने बिटकॉइन की माइनिंग की गई है उसके कुल प्रभाव की गणना की जाए तो वो करीब 97,707 करोड़ रुपए (1,200 करोड़ डॉलर) के बराबर बैठती है। वहीं 2021 खनन में किए गए कुल बिटकॉइंस से होने वाली औसत वैश्विक क्षति की बात करें तो वो करीब 30,126 करोड़ रुपए (370 करोड़ डॉलर) के बराबर है।

देखा जाए तो बिटकॉइन के खनन से जलवायु पर पड़ने वाला प्रभाव गोल्ड माइनिंग से ज्यादा है। वहीं इसके कारण जलवायु को होने वाले नुकसान की तुलना बीफ, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल से की जा सकती है। जर्नल साइंटिफिक रिपोर्टस में प्रकाशित इस अध्ययन से पता चला है कि पिछले पांच वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के उत्पादन का पर्यावरणीय नुकसान उसके बाजार मूल्य का औसतन 35 फीसदी है।

हालांकि 2020 में यह नुकसान अपने चरम पर 82 फीसदी तक पहुंच गया था। देखा जाए तो इसकी तुलना कोयले से की जा सकती है जिसका पर्यावरण पर पड़ने वाला दबाव उसके बाजार मूल्य का करीब 95 फीसदी है। वहीं मई 2020 में यह नुकसान अपने चरम पर सिक्के की कीमत के करीब 156 फीसदी के बराबर पहुंच गया था।

वहीं यदि बीफ की बात करें तो उससे पर्यावरण और जलवायु पर पड़ने वाला प्रभाव करीब 33 फीसदी है। वहीं प्राकृतिक गैस के मामले में यह आंकड़ा करीब 46 फीसदी है। वहीं गोल्ड माइनिंग का जलवायु प्रभाव उसके बाजार मूल्य का करीब 4 फीसदी है।

क्या है यह बिटकॉइन

बिटकॉइन एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी होती है। देखा जाए तो पिछले कुछ सालों में लोगों की इसके प्रति दिलचस्पी काफी तेजी से बढ़ी है। देशों की पारम्परिक मुद्रा को उस देश की सरकार, बैंक आदि नियंत्रित करते हैं, पर वहीं दूसरी तरफ क्रिप्टोकरेंसी के साथ ऐसा नहीं होता है। बिटकॉइन के लेनदेन का प्रबंधन बिटकॉइन उपयोगकर्ताओं के एक डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क द्वारा किया जाता है, जिसका मतलब है कि इसे कोई व्यक्ति या संस्था नियंत्रित नहीं कर सकती है।

देखा जाए तो इस डिजिटल करेंसी के कारण पर्यावरण और जलवायु पर पड़ने वाला भारी दबाव उसके ऊर्जा उपयोग के कारण आता है। शोध के मुताबिक अध्ययन किए गए 20 दिनों में एक से ज्यादा दिनों में इन सिक्कों के कारण होने वाली जलवायु क्षति उत्पादित सिक्कों के मूल्य से अधिक हो गई थी।

शोध के मुताबिक यदि 2020 के आधार पर गणना करें तो उस वर्ष में बिटकॉइन माइनिंग ने 75.4 टेरावाट-घंटे प्रति वर्ष के हिसाब से बिजली का उपभोग किया था, जोकि ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल जैसे देशों के कुल बिजली उपयोग से भी बिटकॉइन के नुकसान ज्यादा है।

इससे पहले भी जर्नल रिसोर्सेज कंजर्वेशन एंड रीसाइक्लिंग में प्रकाशित एक अध्ययन में बिटकॉइन के कारण बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक कचरे को लेकर आगाह किया था। इस शोध के हवाले से पता चला है कि बिटकॉइन के कारण हर साल करीब 30,700 मीट्रिक टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा पैदा होता है, जोकि अपने आप में एक बड़ी समस्या है। शोधकर्ताओं के मुताबिक बिटकॉइन के बिटकॉइन के नुकसान हर एक लेनदेन से करीब 272 ग्राम ई-वेस्ट उत्पन्न होता है, जोकि आई फोन 13 के वजन से भी कहीं ज्यादा है।

ऐसे में इन डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग को कहीं ज्यादा पर्यावरण और जलवायु अनुकूल बनाने की जरुरत है। इनके लिए कड़े नियम और मानक तय किए जाने चाहिए। जिससे पर्यावरण और जलवायु पर पड़ रहे इनके दबाव को सीमित किया जा सके।

क्रिप्टोकरेंसी बैंकिंग के क्या हैं फायदे और नुकसान, सब कुछ जानें

क्रिप्टोकरेंसी बैंकिंग ज्यादातर लोगों को अपने फंड को डिजिटल वॉलेट में रखने या इसे पारंपरिक पैसे खर्च करने की तरह खर्च करने की अनुमति देती है. लोग एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर अपने क्रिप्टोकरेंसी बैलेंस का प्रबंधन कर सकते हैं.

cryptocurrency

cryptocurrency

gnttv.com

  • नई दिल्ली,
  • 14 नवंबर 2021,
  • (Updated 14 नवंबर 2021, 11:59 AM IST)

क्या है क्रिप्टोकरेंसी

मदद के लिए कई डिजिटल प्लैटफॉर्म उपलब्ध

क्या है क्रिप्टोकरेंसी बैंकिंग

क्रिप्टो डेबिट कार्ड के जरिये कर सकते हैं खरीदारी

यूजर का वेरिफिकेशन जरूरी

देश में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का क्रेज बड़ी तेजी से बढ़ रहा है. आकर्षक मुनाफा पाने की चाहत में बड़ी संख्या में लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे हैं. इसे देखते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रिप्टो ट्रेड’ विषय पर एक व्यापक बैठक की. आखिर क्या है क्रिप्टो करेंसी और लोग इसकी तरफ क्यों आकर्षित हो रहे हैं, आइये जानते हैं.

क्या है क्रिप्टोकरेंसी

मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन को वर्चुअल वॉलेट में रखा जाता है,जिनकी यूनीक कीज होती है. बिटकॉइन और अन्य डिजिटल सिक्के नकदी के बराबर हैं, लेकिन ये इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होते हैं. ये एक तरीके की वर्चुअल मुद्रा होती है, जिसका फिजिकल एक्सिस्टेंस नहीं होता है. डिजिटल मुद्रा को ब्लॉकचेन नामक एक बही प्रणाली द्वारा विकेंद्रीकृत किया जाता है और यह किसी बैंक या केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रित नहीं होता.

मदद के लिए कई डिजिटल प्लैटफॉर्म उपलब्ध

क्रिप्टोकरेंसी के उदय और इसके नए युग के ब्लॉकचेन-आधारित तंत्र ने व्यापारियों, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों को शुरुआत में ही अपनी ओर आकर्षित कर लिया था. हालांकि, वर्चुअल मीडियम से पैसे खर्च करने में उन लोगों को थोड़ी परेशानी आती है जो खर्चे के लिए नकद या नोट का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं. हाल के दिनों में, लोगों को बिटकॉइन और ऐसे अन्य डिजिटल सिक्कों को दिन-प्रतिदिन इस्तेमाल में मदद करने के लिए नई सेवाओं और प्लेटफार्मों की शुरुआत की गई है.

क्या है क्रिप्टोकरेंसी बैंकिंग

क्रिप्टोकरेंसी बैंकिंग को लेकर लोगों के मन में कई संशय होते हैं, क्योंकि डिजिटल सिक्के केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा विनियमित नहीं होते हैं. एक्सचेंज कंपनियां और फर्म जो डिजिटल मुद्रा के प्रबंधन की सेवाएं प्रदान करती हैं, तकनीकी रूप से बैंक की तरह काम नहीं करती. क्रिप्टोकरेंसी बैंकिंग ज्यादातर लोगों को अपने फंड को डिजिटल वॉलेट में रखने या इसे पारंपरिक पैसे खर्च करने की तरह खर्च करने की अनुमति देती है. लोग एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर अपने क्रिप्टोकरेंसी बैलेंस का प्रबंधन कर सकते हैं.

क्रिप्टो डेबिट कार्ड के जरिये कर सकते हैं खरीदारी

क्रिप्टोकरेंसी बैंकिंग का मुख्य लाभ यह है कि एक्सचेंज प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को किसी भी अन्य मुद्रा की तरह डिजिटल कॉइन बैलेंस का उपयोग करने की अनुमति देता है. आप चाहें तो इसे निवेश के रूप में रखने के बजाय, दिन-प्रतिदिन निकासी और खरीदारी करने के लिए नकद की तरह इस्तेमाल में लाया जा सकता है. क्रिप्टो डेबिट कार्ड जिसे आमतौर पर बिटकॉइन डेबिट कार्ड के रूप में जाना जाता है क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म द्वारा जारी किए जाते हैं. ये बिटकॉइन के नुकसान प्रीपेड डेबिट कार्ड की तरह काम करते हैं.

यूजर का वेरिफिकेशन जरूरी

इन कार्ड्स में क्रिप्टोकरेंसी डाल कर ऑनलाइन और इन-स्टोर खरीदारी में इस्तेमाल में लाया जा सकता है. आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों पर क्रिप्टो कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए व्यक्तियों को एक खाता या डिजिटल वॉलेट बनाने की आवश्यकता होती है. कुछ प्लेटफॉर्म के लिए उपयोगकर्ताओं को अपने केवाईसी(Know Your Customer) वेरिफिकेशन प्रक्रिया का उपयोग करके अपनी पहचान को वैलिडेट करने की आवश्यकता होती है.

Cryptocurrency में निवेश का बना लिया है मन तो Crypto 101 के बारे में जान लें सबकुछ, वरना हो सकती है दिक्कत!

बिटकॉइन सबसे अधिक कारोबार वाली क्रिप्टोकरेंसी है जिसके बारे में हर कोई जानता है और बात करता है, लेकिन यह एकमात्र तरह की क्रिप्टोकरेंसी नहीं है। लिटकोइन, पोलकाडॉट, चेनलिंक, मूनकॉइन, शिबा इनु, डॉगकॉइन आदि भी क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं।

Cryptocurrency में निवेश का बना लिया है मन तो Crypto 101 के बारे में जान लें सबकुछ, वरना हो सकती है दिक्कत!

क्रिप्टोकरेंसी के लिए फिलहाल भारत में कोई कानून नहीं है।

महब कुरैशी. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिसकी सबसे बड़ी वजह है कि, इसमें शेयर बाजार के विपरीत तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में बहुत से लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करके बड़ा लाभ कमाया है। वहीं जिन लोगों ने अभी तक इसमें कभी निवेश नहीं किया है। अब वह भी बिटकॉइन, डॉगकोइन और एथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना चाहते हैं। आपको बता दें क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत हुए अभी केवल 10 साल ही पूरे हुए है। लेकिन इसके बावजूद इसमें लोगों की रूचि दिन दूनी रात चौगनी बढ़ रही है। ऐसे में अगर आप भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की सोच रहे हैं। तो आपको इस खबर को पूरा पढ़ना चाहिए। क्योंकि इसके बिना आपको तकड़ा नुकसान हो सकता है।

क्रिप्टोकरेंसी क्या हैं?
क्रिप्टोकरेंसी डिजिटल संपत्ति हैं- जिनका उपयोग आप निवेश के रूप में और यहां तक ​​कि ऑनलाइन खरीदारी के लिए भी कर सकते हैं। यह क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित है, जिससे नकली या दोहरा खर्च करना लगभग असंभव हो जाता है। लेकिन यहां पर ये ध्यान देने वाली बात है कि, क्रिप्टोकरेंसी भौतिक रूप से मौजूद नहीं है, जिसका अर्थ है कि आप एक बिटकॉइन नहीं उठा सकते हैं और इसे अपने हाथ में पकड़ सकते हैं। और भारतीय रुपये के विपरीत, कोई केंद्रीय प्राधिकरण नहीं है जो क्रिप्टोकरेंसी के मूल्य को बनाए रखता है।

इसके अलावा, क्रिप्टोक्यूरेंसी के प्रत्येक सिक्के में प्रोग्राम या कोड की एक अनूठी लाइन होती है। इसका मतलब है कि इसे कॉपी नहीं किया जा सकता है, जिससे उन्हें ट्रैक करना और पहचानना आसान हो जाता है।

ABP-C Voter Survey: गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में सौराष्ट्र में कैसा रहेगा बीजेपी, कांग्रेस, आप का हाल- जानिए क्या कहता है एबीपी और सी-वोटर का सर्वे

24 बिटकॉइन के नुकसान घंटे बाद मंगल ग्रह होने जा रहे वक्री, इन राशियों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव, खुल सकते हैं किस्मत के नए द्वार

यह कैसे काम करती है?
क्रिप्टोकरेंसी को सरकार जैसे केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा समर्थित नहीं किया जाता है। इसके बजाय, ये कंप्यूटर की एक श्रृंखला में चलते हैं। यह बिना किसी बिचौलिए के वेब पर पीयर-टू-पीयर से एक्सचेंज किया जाता है। क्रिप्टोकरेंसी का विकेंद्रीकरण किया जाता है – जिसका मतलब है कि कोई भी सरकार या बैंक यह प्रबंधित नहीं करता है कि वे कैसे बने हैं, उनका मूल्य क्या है, या उनका आदान-प्रदान कैसे किया जाएगा। सभी क्रिप्टो लेनदेन क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित हैं – जिसका अर्थ है कि यह केवल बेचने वाले और खरीदने वाले को इसकी सामग्री देखने की अनुमति होती है।

आप क्रिप्टोकरेंसी को कैसे स्टोर कर सकते हैं?
क्रिप्टोकरेंसी को ऑनलाइन ‘वॉलेट’ में स्टोर किया जा सकता है, जिसे आपकी ‘private key’ के यूज से एक्सेस किया जा सकता है। अगर इसे समझा जाए तो एक सुपर-सुरक्षित पासवर्ड के बिना क्रिप्टो को एक्सचेंज नहीं किया जा सकता।

किस प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी मौजूद है?
बिटकॉइन सबसे अधिक कारोबार वाली क्रिप्टोकरेंसी है जिसके बारे में हर कोई जानता है और बात करता है, लेकिन यह एकमात्र तरह की क्रिप्टोकरेंसी नहीं है। लिटकोइन, पोलकाडॉट, चेनलिंक, मूनकॉइन, शिबा इनु, डॉगकॉइन आदि भी क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं। कॉइनमार्केट कैप के अनुसार, वर्तमान में 6,000 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं।

क्रिप्टो कैसे खरीदें और बेचें?
इस सवाल का जवाब भी अब आसान हो गया है। बढ़ती लोकप्रियता के चलते अब बाजार में ढेरो क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स हैं। ऐसे में देश में Bitcoin और Dogecoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी को खरीदना और बेचना काफी आसान है। पॉपुलर प्लेटफॉर्म्स में WazirX, Zebpay, Coinswitch Kuber और CoinDCX GO के नाम शामिल हैं। इन्वेस्टर्स Coinbase और Binance जैसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स से Bitcoin, Dogecoin और Ethereum जैसी दूसरी क्रिप्टोकरेंसी भी खरीद सकते हैं।

सबसे खास बात यह है कि खरीदारी के ये सभी प्लेटफॉर्म चौबीसों घंटे खुले रहते हैं। क्रिप्टोकरेंसी को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया भी काफी आसान है। आपको केवल इन प्लेटफॉर्म्स पर साइन अप करना होगा। इसके बाद अपना KYC प्रोसेस पूरा कर वॉलेट में मनी ट्रांसफर करना होगा। इसके बाद आप खरीदारी कर पाएंगे।

क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार का रूख क्या है?

फिलहाल, भारत में क्रिप्टोकरेंसी को कवर करने वाली कोई कानून नहीं है। बिटकॉइन के नुकसान लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि क्रिप्टोकरेंसी का मालिक होना अवैध है। इस बीच, भारत को अभी तक आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2021 के क्रिप्टोक्यूरेंसी और विनियमन को प्रस्तुत करना बाकी है, जो “आधिकारिक डिजिटल मुद्रा” के शुभारंभ के लिए नियामक ढांचा तैयार करेगा, इसे संसद के बजट सत्र में पेश किया जाना था, लेकिन हितधारकों के साथ चर्चा के चलते इसे टाल दिया गया। आपको बता दें अब तक, केवल कुछ देशों ने क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी तौर पर स्वीकार किया है और यह सूची काफी छोटी है।

क्रिप्टो कंपनी एफ़टीएक्स के डूबने पर घिरे भारतीय मूल के निषाद सिंह कौन हैं?

निषाद सिंह

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनी एफ़टीएक्स (FTX) महज़ एक हफ्ते में अर्श से फर्श पर पहुंच गई. 'क्रिप्टो किंग' के नाम से मशहूर एफ़टीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्रायड ने कंपनी के चीफ़ एक्जीक्यूटिव पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. एफ़टीएक्स की प्रतिद्वंद्वी कंपनी बाइनेंस ने इसे खरीदने की इच्छा जताई है.

अरबों के मालिक सैम अब जांच एजेंसियों की नज़र में हैं. एफ़टीएक्स ने अदालत में अर्जी देकर खुद को दिवालिया घोषित करने की अपील की. लेकिन एफ़टीएक्स के डूबने में अकेले सैम बैंकमैन ही नहीं कई और लोग भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं.

इनमें से एक नाम है निषाद सिंह.

भारतीय मूल के निषाद सिंह एफ़टीएक्स और इसकी दूसरी कंपनी अलमेडा का हिस्सा रहे हैं. एफ़टीएक्स की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, निषाद सिंह कंपनी के डायरेक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग पद पर हैं.

कौन हैं निषाद सिंह?

एफ़टीएक्स की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, निषाद सिंह ने बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया से पढ़ाई की. उन्होंने अच्छे अंकों के साथ यहां से डिग्री हासिल की.

एफ़टीएक्स में आने से पहले वो फ़ेसबुक में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करते थे. यहां वो मशीन लर्निंग पर काम कर रहे थे. निषाद ने फ़ेसबुक में महज पांच महीने काम किया.

भारतीय मूल के निषाद सिंह ने दिसंबर 2017 में एफ़टीएक्स की दूसरी कंपनी अलमेडा रिसर्च ज्वाइन की.

यहां उन्होंने करीब डेढ़ साल तक बतौर इंजीनियर काम किया और बाद में 2019 में वो एफ़टीएक्स से बतौर इंजीनियरिंग डायरेक्टर जुड़े.

कंपनी पर लग रहे आरोप

इमेज स्रोत, ftxfoundation

निषाद सिंह ने 2020 में एफ़टीएक्स पॉडकास्ट में अपने बारे में कुछ चीज़ें साझा की थीं. इसमें उन्होंने बताया था फ़ेसबुक में वो अपनी 'ड्रीम जॉब' कर रहे थे. लेकिन एक अपार्टमेंट में उनकी मुलाक़ात सैम बैमकमैन-फ्रायड से हुई और उन्होंने अलमाडा रिसर्च ज्वाइन करने का फ़ैसला किया.

उन्होंने आगे कहा, ''तब यह अपार्टमेंट ही बिटकॉइन के नुकसान था. ये बहुत शुरुआती दिन थे. मुझे लगता है मैं पहली बार अलमेडा तब आया जब शायद इस कंपनी को बने हुए एक महीना होने को था. अपार्टमेंट में कुछ पांच लोग रहे होंगे लेकिन बहुत शोरशराबे से भरा था. तब तक मुझे ट्रेडिंग के बारे में कुछ नहीं पता था.''

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक ख़बर के मुताबिक, एफ़टीएक्स के संस्थापक और पूर्व सीईओ सैम बैंकमैन-फ्रायड ने बेहद गोपनीय तरीके से एफ़टीएक्स के ग्राहकों के 10 अरब डॉलर अलमेडा में ट्रांसफ़र कर दिए.

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अलमेडा रिसर्च की सीईओ और एफ़टीएक्स के सीनियर पदाधिकारियों को इस बात की जानकारी थी अलमेडा की मदद के लिए एफ़टीएक्स के ग्राहकों का पैसा इधर ट्रांसफ़र किया गया.

अलमेडा रिसर्च इस जून से आर्थिक तंगी की हालत में थी. कंपनी ने निवेश के लिए काफ़ी लोन लिया हुआ था.

रिपोर्ट में कुछ कंपनी कर्मचारियों के हवाले से दावा किया गया है कि क्रिप्टो करेंसी हेज फंड थ्री एरो कैपिटल के जून में डूबने के बाद अलमेडा को कर्ज देने वालों के सामने मुश्किल होने लगी.

कर्ज देने वालों ने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए जिससे वायेजर डिजिटल लिमिटेड जैसे क्रिप्टो ब्रोकरों को नुकसान हुआ.

रिपोर्ट के मुताबिक, अलमेडा की सीआईओ कैरोलीन एलिसन ने बुधवार को कर्मचारियों के साथ बैठक में इस बात का ज़िक्र किया कि एफ़टीएक्स के ग्राहकों का पैसा अलमेडा में ट्रांसफर करने की जानकारी सैम बैंकमैन के अलावा एफटीक्स के दूसरे पदाधिकारियों निषाद सिंह और गैरी वांग को भी थी.

गैरी वांग पहले गूगल में काम करते थे फिर बाद में उन्होंने सैम के साथ मिलकर एफ़टीएक्स को आगे बढ़ाया. वो एफ़टीएक्स में चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं.

एफ़टीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ़ायड सोशल मीडिया पर काफ़ी लोकप्रिय रहे हैं.

Cryptocurrency Price Today, 7 September 2022: साल 2022 में 50 फीसदी से ज्यादा गिरे बिटकॉइन और इथेरियम के दाम, देखें लेटेस्ट प्राइस

Cryptocurrency Price Today, 7 September 2022: साल 2022 में 50 फीसदी से ज्यादा गिरे बिटकॉइन और इथेरियम के दाम, देखें लेटेस्ट प्राइस

डीएनए हिंदी: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin Price) और इथेरियम के दाम (Ethereum Price) में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. जहां बिटकॉइन 19 हजार डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है. वहीं दूसरी ओर इथेरियम की कीमत में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है. अगर बात ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट (Gloabal Crypto Market) करें तो बीते 24 घंटे में 5 फीसदी से ज्यादा के नुकसान के साथ एक ट्रिलियन से नीचे आते हुए 986 बिलियन डॉलर पर है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मौजूदा समय में दुनिया की प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency Price Today) कितने पर कारोबार कर रही हैं.

Bitcoin Price में गिरावट
बीते 24 घंटे में दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के दाम में 5.64 फीसदी की गिरावट के साथ 18,707 डॉलर पर कारोबार कर रहा है. जबकि बीते एक हफ्ते में क्रिप्टोकरेंसी करीब 7 फीसदी नीचे आ चुकी है. एक महीने में बिटकॉइन की कीमत में 19 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. बीते 6 महीने में बिटकॉइन 51 फीसदी और साल 2022 में 60 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है.

Ethereum भी हुआ धड़ाम
वहीं दूसरी ओर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में क्रिप्टोकरेंसी करीब 9 फीसदी की गिरावट के साथ 1,503 डॉलर प्रति ओंस पर कारोबार कर रही है. इथेरियम में बीते एक हफ्ते में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. एक महीने में इथेरियम 9 फीसदी तक टूट चुकी है. बीते 6 महीने में इथेरियम के दाम 39 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं. जबकि मौजूदा साल 2022 में इथेरियम के दाम 58 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं.

Dogecoin और Shiba Inu में भी गिरावट
दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी डॉजकॉइन में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. डॉजकॉइन 7.44 फीसदी की गिरावट के साथ 0.05851 डॉलर पर कारोबार कर रहा है. वहीं दूसरी ओर शीबा इनु भी गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ दिखाई दे रहा है. शीबा इनु की कीमत में 5.34 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है और दाम 0.00001196 डॉलर पर कारोबार कर रहा है.

रेटिंग: 4.88
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 232
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *