शुरुआती लोगों के लिए अवसर

रिटेल और ई

रिटेल और ई
उन्‍होंने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में MSME के महत्‍व के बारे में बोलते हुए हितधारक-उन्‍मुख नीतिगत हस्‍तक्षेपों के जरिए सरकार द्वारा रिटेल और ई संतुलन बनाए रखने की भूमिका पर भी ज़ोर दिया. उन्‍होंने कहा कि यूनीफाइड लॉजिस्टिक इंटरफेस (ULI) और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) मिलकर, ओपन नेटवर्क के जरिए ई-कॉमर्स में व्‍यापक रूप से बदलाव लाने के साथ-साथ ऑनलाइन प्‍लेटफार्मों को भी बढ़ावा दे सकते हैं.

e-commerce-sector-indian-manufacturing-retail-sectors-msmes-iift-research-report

अपनी ऑनलाइन रिटेल स्ट्रैटेजी को और भी बेहतर बनाएं

ज़्यादातर लोग पहले से कहीं ज्यादा ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं. ऐसा अनुमान है कि 2019 की तुलना में 2020 में ऑनलाइन बिक्री 32% बढ़ जाएगी या दोगुनी हो जाएगी. 1 इसका मतलब है कि ऑनलाइन शॉपिंग आने वाले समय में बहुत आम बात होगी. इसका नतीजा यह रहा कि एजेंसी और क्लाइंट Amazon और दूसरे रिटेलर पर अपनी ऑनलाइन रिटेल स्ट्रैटेजी को और भी बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं, ताकि वे अपने लक्ष्यों को हासिल करे सकें.

“ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव की वजह से, Amazon एक ऐसे डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है जहां लोग ब्रैंड से जुड़ सकते हैं. ऐसा, वे IMDb, Twitch, Amazon Music और अन्य ऐसी प्रॉपर्टी से कर सकते हैं जिनका मालिकाना हक़ Amazon के पास है. उनकी सेवाएं और प्राइम मॉडल न केवल कस्टमर को एक सहज खरीदारी अनुभव देते हैं, बल्कि Amazon की ये प्रॉपर्टी कई तरह से उनका मनोरंजन भी करती हैं.”

इस लेख में फ़ुल-फ़नेलअप्रोच के साथ ई-कॉमर्स के इस्तेमाल के बारे में बताया गया है

Amazon Ads यह मानता है कि हमारे एडवरटाइज़र को डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन रिटेल और ई रिटेल को लेकर अपनी स्ट्रैटेजी बनाते समय और अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

2020 की शुरुआत में, हमारी एजेंसी और एडवरटाइज़र को उनके लक्ष्यों को पाने में मदद करने के लिए Amazon Ads ने ई-कॉमर्स एक्सेलेरेशन प्रोग्राम (ईएपी) लॉन्च किया. ईएपी एक बहुत अच्छा प्रोग्राम है. इसमें ऑनलाइन रिटेल का लेवल बढ़ाने, बेहतरीन तरीके इस्तेमाल करने और फ़ुल-फ़नेल अप्रोच के साथ ई-कॉमर्स का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल कैसे करें इस बारे में बताया गया है. ईएपी में कई वर्कशॉप की मदद से ऑनलाइन रिटेल के लिए स्ट्रैटेजी बनाने के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी दी जाती है. इसके साथ ही, इसमें एजेंसी और एडवरटाइज़र को Amazon एडटेक इंटीग्रेशन से जुड़े इनसाइट के बारे में भी बताया जाता है.

E-Rupee For Retail Users : रिटेल यूजर्स के लिए इसी महीने लॉन्च किया जाएगा ई-रुपया

Published: November 2, 2022 1:04 PM IST

देश में मुद्रा के इतिहास में ई-रुपया लॉन्च ऐतिहासिक क्षण, व्यापार करने के तरीके को बदल देगा.

E-Rupee For Retail Users : आरबीआई ने मंगलवार से अपनी डिजिटल मुद्रा का एक पायलट कार्यक्रम शुरू कर दिया है. जिससे चुनिंदा बैंकों को सरकारी प्रतिभूतियों रिटेल और ई में द्वितीयक बाजार लेनदेन के निपटान के लिए इसका इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है. बैंकों ने मुद्रा के नए रूप का उपयोग करते हुए पहले दिन 275 करोड़ के बांड का कारोबार किया. अब ई-रुपये के ट्रायल का रिटेल पार्ट इसी महीने लॉन्च किया जाएगा.Also Read:

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) गुरुवार को अपनी निर्धारित रिटेल और ई बैठकों के अलावा, मुद्रास्फीति लक्ष्य चूक पर चर्चा करने के लिए एक बैठक करेगी, जिसके लिए उसे सरकार को एक पत्र लिखना होगा. केंद्रीय बैंक का लक्ष्य मध्यम अवधि में अपने 4 फीसदी लक्ष्य के दोनों ओर खुदरा मुद्रास्फीति को 2 फीसदी के भीतर रखना है.

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) द्वारा आयोजित एक बैंकिंग सम्मेलन में आज आरबीआई प्रमुख शक्तिकांत दास ने इसकी जानकारी दी है.

मुद्रास्फीति लक्ष्य से चूकने के लिए आरबीआई द्वारा सरकार को लिखे जाने वाले पत्र को जारी न करके पारदर्शिता से किसी भी तरह से समझौता नहीं किया गया है.

  • मूल्य स्थिरता, निरंतर विकास और वित्तीय स्थिरता परस्पर एक दूसरे पर निर्भर नहीं होना चाहिए.
  • भारत आज दुनिया के लिए लचीलापन और आशावाद की तस्वीर पेश कर रहा है.
  • सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) ट्रायल रिटेल और ई का रिटेल पार्ट इस महीने के अंत में लॉन्च किया जाएगा.
  • देश में मुद्रा के इतिहास में ई-रुपया लॉन्च ऐतिहासिक क्षण, व्यापार करने के तरीके को बदल देगा.

देश के रिटेल, MSME और मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में क्या हैं ई-कॉमर्स की सफलता के मायने?

देश के रिटेल, MSME और मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में क्या हैं ई-कॉमर्स की सफलता के मायने?

IIFT की रिसर्च रिपोर्ट में यह पता चला है कि ई-कॉमर्स सेक्‍टर के फले-फूले बगैर देश में रिटेल और मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर का औसत विकास कम ही रह रिटेल और ई जाता. ई-कॉमर्स सेक्टर से रिटेल और मैन्युफैक्चिरंग सेक्टर को काफी मदद रिटेल और ई मिली है. लेकिन इसके बावजूद रिटेल MSME को उतना फायदा नहीं मिला, जितनी उम्मीद थी.

ई-कॉमर्स मेजर्स, SSI रिटेलर्स एंड द इंडियन इकनॉमी पर आधारित रिसर्च को 14 नवंबर, 2022 को जारी करने के मौके पर, अनुराग जैन, सचिव, उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग (वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार) ने अपने विचार प्रस्‍तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार टेक्‍नोलॉजी ने अर्थव्‍यवस्‍था को दक्ष बनाने तथा ई-कॉमर्स प्‍लेटफार्मों को आगे बढ़ने में मदद दी है.

Tata Group देश में रिटेल और ई-कॉमर्स सेक्टर में बढ़ाना चाहता है अपनी मौजूदगी, इन कंपनियों में खरीद सकता है हिस्सेदारी

जनता से रिश्ता वेबडेस्क| नई रिटेल और ई रिटेल और ई दिल्ली, एजेंसियां। टाटा समूह भारत के रिटेल और ई-कॉमर्स सेक्टर में अपनी मौजूदगी को और मजबूती देने की कोशिशों में लगा है। नमक से लेकर सॉफ्टवेयर उद्योग तक में अपना दबदबा बनाकर रखने वाला टाटा समूह ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टार्टअप बिग बास्केट एवं बी2बी मार्केट प्लेस IndiaMart में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर बातचीत कर रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारत के उभरते हुए ई-कॉमर्स मार्केट को देखते हुए टाटा रिटेल और ई रिटेल और ई समूह अपने पूरे कंज्यमूर बिजनेस को जोड़ने के लिए 'Super App' जैसा कोई App लांच कर सकता है। इससे कंपनी को Amazon, Flipkart और Reliance Industries जैसे कारोबारी घराने को टक्कर देने में मदद मिलेगी।

ऑनलाइन का बढ़ता बाजार: भारत में साल 2024 तक ई-कॉमर्स रिटेल मार्केट 7 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा, जो साल 2010 में 7 हजार करोड़ रुपए से भी कम था

भारत में ई-कॉमर्स के वॉल्यूम का बड़ा हिस्सा टॉप-30 शहरों में रहेगा, जबकि इसके अगले पांच सालों में लगभग 60 फीसदी वॉल्यूम टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में होगा। - Dainik Bhaskar

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ती शॉपिंग और ग्राहकों का खरीदारी का बदलता तौर-तरीका ई-कॉमर्स इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। रिटेल मार्केट में ई-कॉमर्स की पैठ को वृहद बनाते जा रहे हैं। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 में ई-कॉमर्स रिटेल मार्केट भारत में 2 लाख करोड़ से ज्यादा का रहा, जो साल 2024 में 7.3 लाख करोड़ रुपए तक होने का अनुमान है।

रेटिंग: 4.74
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 396
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *