शुरुआती लोगों के लिए अवसर

टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं

टेक्निकल एनालिसिस  कैसे करते हैं

Technical analysis

Trading में Psychology का महत्व

बहुत से लोग जो कि शेयर मार्केट में ट्रेडिंग या निवेश करते हैं उन्हें इसमें सफलता नहीं मिल पाती है इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि जो लोग ट्रेडिंग करते हैं वे केवल टेक्निकल एनालिसिस के ऊपर ध्यान देते हैं और वही जो लोग निवेश करते हैं वे केवल फंडामेंटल के ऊपर ध्यान देते हैं और फिर भी वह सफल नहीं हो पाते जो उन्हें जिस तरह से सफलता की उम्मीद रहती है उस तरह की सफलता रिटर्न शेयर मार्केट से नहीं मिल पाती इसका सबसे बड़ा टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं कारण यह है कि वह लोग Psychology के ऊपर ध्यान नहीं देते हैं!

वही जब आप किसी कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस कहते हैं तो आपके सामने यह समस्या रहती है कि कोई भी कंपनी फंडामेंटल तौर पर 100% परसेंट सही नहीं हो सकती, उसमें कुछ ना कुछ अनिश्चितता जरूर रहती है, फंडामेंटल निवेशक के सामने एक समस्या आती है, कि वे फंडामेंटल निवेश करके किसी शेयर को खरीद तो लेते हैं लेकिन उस शेेयर को कब तक निवेश करिए हुए रखना है और कब निकलना है इस बात को वे पता नहीं कर पाते हैं, आमतौर पर जो अपने आप को फंडामेंटल निवेशक कहते हैं वह जब मार्केट में Volatility आती है तो वह शेयर से निकल जाते हैं या बहुत बार ऐसा होता है कि कोई कंपनी जो कि बहुत अच्छी है और भविष्य में अच्छा ग्रोथ करने वाली होती है उसमें से थोड़ी मुनाफे में ही निकल आते हैं! एक ही शेयर में कोई बड़ा मुनाफा कमाता उसी में कोई बहुत थोड़ा मुनाफा तो कोई नुकशान करता है!

शेयर बाजार में लोग Psychology के ऊपर काम ही नहीं करते है, जबकि यह सबसे अधिक महत्वपूर्ण चीज़ है, अगर आप जब तक अपने ऊपर भरोसा नहीं करोगे और अपने भरोसे पर कायम नहीं रहोगे तक आप शेयर मार्केट से पैसा नहीं कमा सकते!

जो लोग शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं वह आमतौर पर टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर कोई भी फैसला लेते हैं कि शेयर में अभी मंदी करनी है कि अभी तेजी करनी है लेकिन जो आप टेक्निकल एनालिसिस कर रहे हैं आपके सामने जो चाहता आपको दिखता है वही चार्ट वह उसी समय पर हजारों लोग देख रहे हैं, जो टेक्निकल एनालिसिस आपने किया है वह बहुत लोग आपसे पहले कर चुके हैं या बहुत से नए लोग कर रहे हैं ऐसे मैं आपको ट्रेडिंग में सफलता मिलेगी कि नहीं यह आपके फैसले और उस फैसले पर आप कितने समय तक रहते हैं इस बात के ऊपर निर्भर करती है अगर आप ने अपने साइकोलॉजी के ऊपर काम किया है तो आपको सफलता मिलेगी !

Technical analysis in hindi | Technical analysis क्या होता है?

Technical analysis


Technical analysis

technical analysis का उपयोग financial market की टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं चाल को समझने के लिए किया जाता है यह price के इतिहास और वर्तमान के आंकड़ों के आधार पर financial market की दिशा का टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं अनुमान लगाने का एक तरीका है। technical analysis का उपयोग ज्‍यादातर कम टाइम या शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के लिए किया जाता है ट्रेडिंग में इसका अपयोग सबसे ज्‍यादा होता है इसमे पुराने इतिहास के आँकड़ों के आधार पर शेयर की भविष्य की चाल को समझ कर ट्रेडर ट्रेड करते हैं। यदि किसी ट्रेडर को पिछले बाजार के पैटर्न की पहचान होती है तो वह भविष्य के बाजार की सटीक भविष्यवाणी कर सकता है।

How to use technical analysis | तकनीकी विश्लेषण का उपयोग कैसे करें

एक technical analyst के पास technical analysis करने के कई तरीके होते हैं । जैसे की moving average ,support and resistant level ,candlesticks, chart pattern ,volume और इंडिकेटर इत्यादि इन सब तरीकों से एक एनालिस्ट चाट टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं की मूवमेंट और मार्केट का ट्रेंड आसानी से समझने की कोशिश करता है।

टेक्निकल एनालिस्ट के लिए कुछ इंडीकेटर्स जरुरी होते है

जब भी कोई ट्रेडर शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करता है तो वह शेयर प्राइस के आधार पर शेयर खरीदता है और कम समय में ज्यादा प्रॉफिट कमाना चाहता है। लेकिन शार्ट टर्म में शेयर की प्राइस बहुत तेजी से चेंज होती है तो निवेशक को कैसे पता रहेगा कि किस प्राइस पर शेयर खरीदना है और किस प्राइस पर शेयर बेचना है इस समस्या को सुलझाने के लिए टेक्निकल एनालिसिस का यूज किया जाता है।

Basic टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं assumptions of technical analysis

1. market action discounts everything

किसी कंपनी के मौजूदा शेयर प्राइस में उस कंपनी की फंडामेंटल फैक्टर्स ग्रोथ इनकम सभी इंक्लूड टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं होता है उसको अलग से चेक करने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि जो अभी शेयर का मौजूदा प्राइज है उसमें यह सारी बातें इंक्लूड है।

2. prices move in trends.

यहां पर हर शेयर की प्राइस एक ट्रेंड में बढ़ती या घटती रहती है यह माना जाता है कि शेयर प्राइस जिस ट्रेन में अभी चल रहा है फ्यूचर में भी वैसे ही चलने की संभावना ज्यादा होती है ट्रेंड तीन टाइप के होते हैं शॉर्ट टर्म मीडियम टर्म और लांग टर्म।

प्राइस ट्रेंड 3 तरीके से ट्रेंड करती है

up trand में शेयर की price 1 पैटर्न में बढ़ती रहती है और down trand में शेयर की price एक पैटर्न में गिरती रहती है और sideways trand में share की प्राइस 1 फिक्स इंटरवल में ट्रेंड करती है।

3. History repeats itself

शेयर मार्केट में हमेशा हिस्ट्री रिपीट होती है पास्ट में किसी वजह से यदि कोई प्राइज में चेंज आया था तो भविष्य में भी उसी वजह से उस शेयर की प्राइस में चेंज आएगा। शेयर मार्किट में प्राइस हमेशा इन्वेस्टर के इमोशंस पर चलती है।

टेक्निकल एनालिसिस की शुरुआत 1755 में जापान के एक चावल व्यापारी Homma munehisa ने की थी।

1755 में Homma munehisa की book The fountain of gold पब्लिक हुई थी जिससे कि टेक्निकल एनालिसिस की शुरुआत हुई उन्होंने बताया कि राइस की प्राइस कैसे राइस के वॉल्यूम और मौसम पर निर्भर करती है इसको समझ कर आप फ्यूचर मैं राइस की प्राइस को समझ सकते हैं

Dow theory

Technical analysis

Technical analysis

आज हम किस मॉडर्न technical analysis की theory को जानते हैं और यूज़ करते हैं वो बेस्ड है dow theory पर।

इस थ्योरी को वॉल स्ट्रीट Dow Jones Industrial Average (DJIA) के फाउंडर Charles Henry Dow द्वारा लिखी 255 Wall Street Journal Editorial Article पर आधारित है। और इस article को William Peter Hamilton, Robert Rhea and E. George Schaefer ने रीऑर्गेनाइज करके पब्लिश किया और आज इस थ्योरी को टेक्निकल एनालिसिस मैं बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

मैं Technical Analysis कैसे सीख सकता हूँ?

Technical Analysis सीखने के लिए सबसे पहले निवेश, स्टॉक, बाजार, और वित्तीय की मूल बातें सीखना होगा। यह सब books, online courses, online material, and classes के माध्यम से किया जा सकता है। एक बार मूल बातें समझ जाने के बाद, आप उसी प्रकार की सामग्रियों का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन वे जो विशेष रूप से Technical Analysis पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

शेयर बाजार में एंट्री करते समय अक्सर एक आम आदमी के मन में ये सवाल उठते हैं! आज आपको इनके जवाब भी दे देते हैं.

आज हम शेयर बाजार की गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कर रहे है. क्योंकि शेयर बाजार कई लोगों के लिए पेचीदा और चुनौतीपूर्ण हो सकता है. शुरुआत में, निवेशकों के मन में शेयर बाजार से जुड़े कई तरह के सवाल हो सकते हैं.

how to invest in stock market for beginners- शेयर बाजार कई लोगों के लिए पेचीदा और चुनौतीपूर्ण हो सकता है. शुरुआत में, निवेशकों के मन में शेयर बाजार से जुड़े कई तरह के सवाल हो सकते हैं. जैसे IPO में निवेश कैसे करते हैं? कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्ट और दूसरी जानकारी कहां मिलती है? निवेश के लिए अच्छी कंपनियों का चयन कैसे करें और अंडरवैल्यूड स्टॉक को कैसे खोजें? क्या जब मार्केट बंद हो तब भी स्टॉक को खरीदने या बेचने के लिए ऑर्डर लगा सकते हैं? यहां हमने ऐसे ही कुछ सवाल और उसके जवाबों की लिस्ट तैयार की है जो शुरुआती निवेशकों की काफी मदद कर सकते हैं.

बाजार बंद होने पर ट्रेड नहीं किया जा सकता है. आप केवल 09:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच ट्रेड कर सकते हैं. हालांकि प्री मार्केट और पोस्ट मार्केट ऑर्डर लगाए जा सकते हैं. ट्रेडिंग घंटों के बाद दिए गए ऑर्डर को AMO या आफ्टर मार्केट ऑर्डर कहा जाता है.

अंडरवैल्यूड स्टॉक ऐसे स्टॉक होते हैं जिनकी कीमत उनके उचित मूल्य से कम होती है और निवेशक इन शेयरों को फंडामेंटल और टेक्निकल एनालिसिस का उपयोग करके ढूंढते हैं. फंडामेंटल एनालिसिस में इंडस्ट्री ट्रेंड जैसे बाहरी प्रभावों का विश्लेषण करके परिसंपत्ति मूल्य की गणना करना शामिल है. टेक्निकल एनालिसिस में हिस्टोरिक डेटा की मदद से प्राइस मूवमेंट का इवेल्यूएशन शामिल है. इन तरीकों से अंडरवैल्यूड स्टॉक खोजें जाते हैं.

अच्छे स्टॉक खोजने के लिए आप कई ऑनलाइन टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं. स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड सभी कंपनियों के पूल से अच्छे स्टॉक खोजने के लिए आप स्टॉक स्क्रीनर का उपयोग कर सकते हैं.

कंपनियों का वित्तीय लेखा-जोखा आपको उसकी वेबसाइट या स्टॉक एक्सचेंज (NSE या BSE) से मिल सकता है. आप कंपनी की रिपोर्ट से वित्तीय विवरणों का गहराई से विश्लेषण कर सकते हैं.

आप अपने ट्रेडिंग अकाउंट का उपयोग करके आईपीओ में ऑनलाइन निवेश या आवेदन कर सकते हैं. IPO अप्लाई करने के लिए सबसे अपने ट्रेडिंग अकाउंट में लॉग इन करें और IPO सेक्शन में जाए. यहां टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं IPO चुनें और मांगी गई जानकारी भरें. आपके जितने भी शेयरों के लिए अप्लाई कर रहे हैं उस हिसाब से आपका फंड लीन टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं हो जाएगा और शेयर अलॉटमेंट पर ये डेबिट हो जाएगा. अगर शेयर अलॉट नहीं होते हैं तो फंड वापस अकाउंट में आ जाएगा.

रिटर्न आपके शेयरों पर निर्भर करता है. जब आपके पास एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो होता है तो कुछ स्टॉक अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं जबकि उनमें से कुछ ऐसा नहीं करेंगे, इससे रिटर्न प्रभावित होगा. वैसे इक्विटी मार्केट से 12%-15% का सालाना रिटर्न काफी अच्छा माना जाता है.

किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले आपको कंपनी की भविष्य की संभावनाओं की समीक्षा करनी चाहिए. ब्लू चिप कंपनियों की तुलना में सभी स्मॉल कैप कंपनियों में ग्रोथ की संभावना ज्यादा होती है. संक्षेप में, स्मॉल कैप में निवेश करना कभी-कभी अधिक फायदेमंद होता है बशर्ते संगठन की भविष्य की संभावनाएं आशाजनक हों.

क्यों टेक्निकल एनालिसिस कभी काम करता है और कभी नहीं करता ?

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टेक्निकल एनालिसिस में कीमतों का अभ्यास किया जाता है , जो की बाज़ार में लोंगो के मनोदशा और भावनावो का प्रतिनिधित्व स्वरुप है | इसी वजह से टेक्निकल एनालिसिस ज्यादातर बार काम करता है , क्योकि सामान्य रूप से लोग समान परिस्थितियों में एक जैसे निर्णय या फिर गलतिया करते है | जो चार्ट पर समान टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं प्राइस पैटर्न्स या फिर टेक्निकल पैटर्न बनाते रहते है और यह प्रक्रिया बार बार होती रहती है | कीमतों की दिशा या ट्रेंड्स चार्ट टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं पर मूविंग अवेरेजेस और इंडीकेटर्स की मदत से खोजी जा सकती है | और उनकी हद या फिर सीमा चार्ट पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस खीचकर निर्देशित किये जा सकते है | ये एक सीधी और साधा तरीका है मगर इसमें अनुभव जरुरी होता है | जब कीमते रेजिस्टेंस को लांघकर ट्रेड करने लगाती है तो उसे “बुलिश ब्रेकआउट” कहा जाता है , उसी तरह जब कीमते सपोर्ट क निचे टूट जाती है तो उसे “बिअरिश ब्रेकडाउन” कहा जाता है | ब्रेकआउट की घटना एक ट्रेडर के लिए बहुत महत्व पूर्ण होती है और वो ट्रेडर्स के लिए एक शक्तिशाली हत्यार की तरह काम करता है | ब्रेकआउट कीमतों और इंडीकेटर्स में भी देखा जा सकता है और उपयोगी होता है | ब्रेकआउट लगभग ८०-९०% समय काम करता है और सही दिशा में ट्रेड करने वालो को मोटा मुनाफा कमाकर देता है | ज्यादातर ब्रेकआउट और ब्रेकडाउन मुख्य दिशा परिवर्तन के समय होता है और ट्रेडर्स को एक मुनाफे वाली रैली मिल जाती है |

कभी कभी टेक्निकल एनालिसिस क्यों काम नहीं करता ?

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टेक्निकल एनालिसिस कभी कभी किसी ट्रेडर के लिए कम नहीं करता और उसका मुख्य कारण होता है , अनुभव की कमी | जो लोग या ट्रेडर्स मार्केट में नए है वो ज्यादातर पकीमतों को या फिर इंडीकेटर्स को अच्छे से नहीं समज पाते और गलती कर बैठते है | इसी कहते है की लिए एक यशस्वी ट्रेडर्स के पीछे उसके अनुभव का हाथ होता है | ज्यादातर व्यावसायिक और नए ट्रेडर्स एक ही तकनीक अपनाते है मगर व्यवसायिक ट्रेडर मुनाफा कमाता है और उसी तकनीक से नए ट्रेडर्स को नुकसान होता है | यह कही बार देखा गया है | दूसरा यह की बहुत बार ट्रेडर्स चार्ट्स, प्राइस पैटर्न और इंडीकेटर्स के ऊपर इतना निर्भर हो जाते है की वो मार्केट की परिस्थितियों को जानना और समज़ना भूल जाते , और अपने इस छोटे कोष से बाहर न आने की टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं वजह से गलत साबित होते रहते है | यही व्यवसायिक ट्रेडर्स मार्केट और उतार-चढाव के हिसाब से अपनी तकनीक और इंडीकेटर्स को ट्यून करते रहते है | जैसे की ज्यादा चढ़ उतार वाले मार्केट में चार्ट पर फाल्स ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन होने पर ट्रेडर्स को मुख्य ट्रेंड के टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं साथ रहना चाहिए | दूसरा उदहारण में बुल मार्केट में कीमते ओवर बाउट स्थिति में हप्ते या फिर महीनो तक ट्रेंड करती है और बीच बिच में गलत सेल सिग्नल निर्माण होते है | कभी कभी कुछ तकनीक कुछ वक्त तक ही काम करते जाते है क्योकि मुख्य मार्केट मेकर्स वही टेक्निक्स उपयोग में लाते है और उनपर ही उस वक्त भरोसा बैठ होता है , इसे “सेल्फ फुल फिलिंग प्रोफेसी” भी कहा जाता है | कुछ ट्रेडर्स बहुत सामान्य तकनीक उपयोग करते है और फिर भी मुनाफा कमाते है और कुछ जटिल और महंगी ट्रेडिंग सिस्टम का उपयोग करके भी सदा नुकसान में ही बैठे होते है | ये इस लिए होता है क्योकि व्यावसायिक ट्रेडर्स जो गैर प्रचलित ट्रेडिंग की रणनीति बनाते है वो अनुभव पर आधारित होती है और उसकी मार्केट पर पूरी पकड़ होती है | ट्रेडिंग का मुख्य उद्देश मुनाफा कमाना है न की वैज्ञानिक तरीकेसे सही रहना |

टेक्निकल एनालिसिस की पड़ताल

टेक्निकल एनालिसिस कीमतों का पूर्वानुमान लगाने का शास्त्र है जो की हर समय १००% काम नहीं करता है मगर इसका अर्थ यह नहीं की ये भरोसा करने के लायक नहीं है | जितने भी पूर्वानुमान लगाने के शास्त्र और व्यवसाय है उनकी खुद की कुछ कमिया हमेशा रहती है मगर इसका ये अर्थ नहीं होता की वे सब बेकार है , जैसे की मौसम अनुमान इत्यादी | स्टॉक मार्केट में किसी भी विश्लेषनात्मक पद्धति का मूल्य उसकी कामयाबी या फिर मुनाफा बनानेकी शक्ति पर निर्भर होती है | अगर वो पद्धति लगतार मुनाफा बनती हो तो वो वैज्ञानिक दृष्टी से शायद गलत हो मगर ट्रेडर्स के लिए उपयोगी होती है | क्योकि मार्केट से ट्रेडिंग में मार्केट से पैसे बनाना ही उद्देश होता है न की वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सही होना |

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