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मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए

मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए

60 फीसदी पैसा इक्विटी में डालें, बाकी गोल्ड, कैश और शॉर्ट टर्म डेट फंड्स में!

नई दिल्ली. निवेश की सलाह देने वालों की दुनिया में श्याम शेखर आज एक बड़ा नाम है, लेकिन यह नाम हमेशा से इतना पॉपुलर मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए नहीं था. श्याम शेखर ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में निवेश के बारे में बड़ी जबरदस्त सलाह दी है. उन्होंने लाखों की बात, बातों-बातों में ही शेयर कर दी है. हम आज आपको उनकी बेशकीमती सलाह के बारे में बताएंगे, लेकिन उससे पहले थोड़ा-सा श्याम शेखर के बारे में भी बता दें.

श्याम शेखर ने अपने प्रोफेशनल जीवन के पहले 22 साल बिलकुल अलग ही काम में लगाए. वे पेंट फॉर्मूलेटर और टेक्नोलॉजिस्ट थे और उनका पेंट (Paint) बनाने का बिजनेस था. लेकिन शेखर हमेशा से इक्विटी और शेयर बाजार में रुचि रखते थे. तमिलनाडु के जिस क्षेत्र में वह रहते थे, वहां उन दिनों शेयर बाजार में निवेश को बहुत इज्जत या सम्मान वाला काम नहीं माना जाता था. लोग निवेश के लिए इंश्योरेंस स्कीम और FD पर भरोसा करते थे.

शेखर 1990 में जब ग्रेजुएट हुए तो उन्होंने अपनी सेविंग्स के साथ ट्रेडिंग की शुरुआत की. समय बीता तो इक्विटी के साथ उनका प्यार और गहरा होता चला गया. 2 दशकों साथ पेंट का बिजनेस करने वाले शेखर ने अपने प्यार (इक्विटी में काम) को ज्यादा तवज्जो देते हुए 2010 में वेल्थ मैनेजमेंट का काम शुरू कर दिया. उन्होंने अपनी कंपनी का नाम रखा आईथॉट (iThough). शुरुआती वर्षों में iThought म्यूचुअल फंड्स और दूसरे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश के लिए लोगों की मदद करती थी. 2016 में उनकी कंपनी को लाइसेंस मिल गया और वे एक रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बन गए. 2019 में उन्हें पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (PMS) का लाइसेंस भी मिल गया. वे चेन्नई के इन्वेस्टर क्लब का हिस्सा बने और बाद में तमिलनाडु इन्वेस्टर्स एसोसिएशन के अध्यय भी रहे… उनका यह सफर जारी है. मनीकंट्रोल के कुछ सवाल और शेखर द्वारा किए गए उनके जवाब कुछ यूं हैं-

सवाल: मार्केट इस वर्ष में काफी वोलाटाइल रही है. सेंसेक्स 60 हजार के ऊपर निकला और फिर गिरकर 51 हजार के आसपास आ गया. क्या यह समय निवेश के लिए सही है?

जवाब: हां. आपको अवश्य ही निवेश करना चाहिए, क्योंकि “इंतज़ार” की रणनीति ज्यादातर फ्लॉप ही होती है. निवेश करना और फिर इंतज़ार करना अच्छी रणनीति है. हां, आप कुछ पैसा बचाकर रख सकते हैं, मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए ताकि बाजार के गिरने पर आप उसमें निवेश कर पाएं.

सवाल: यदि मेरे पास 10 लाख रुपये हैं, तो आप उस पैसे को कहां निवेश करने की सलाह देंगे? आप मोटे तौर पर हमें समझा सकते हैं.

जवाब: 60 फीसदी पैसा इक्विटी में डालिए. बाकी गोल्ड, कैश और शॉर्ट टर्म डेट फंड्स में रखिए.

सवाल: विदेशों में निवेश इन दिनों काफी चर्चा में है. क्या आप इंटरनेशनल स्टॉक्स में निवेश की सलाह नहीं देंगे?

जवाब: जब मैंने 60 फीसदी हिस्सा इक्विटी में निवेश के लिए कहा है, उसमें 10 फीसदी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डालने की सलाह भी शामिल है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सिर्फ अमेरिकी बाजारों में. बाकी के बाजारों पर जियो-पॉलिटिकल प्रेशर काफी ज्यादा असर डाल रहा है. दूसरा, आप सभी बाजारों को ट्रैक भी नहीं कर सकते, क्योंकि वहां की सरकार और उसकी रणनीतियों को समझना मुश्किल होता है.

सवाल: क्या भारत में अब भी अच्छी बड़ी और छोटी कंपनियां खोजना आसान काम है?

जवाब: भारत में लार्ज कंपनियां खोजना बहुत आसान है, लेकिन छोटी और अच्छी कंपनियां खोजना उतना ही मुश्किल. क्योंकि जो बिजनेस हम देखते हैं, उसकी वैल्यूएशन पहले से ही काफी बढ़ी हुई होता है. दूसरा, छोटी कंपनियों में अगर वैल्यूएशन कम भी हो तो लिक्विडिटी की समस्या पैदा हो जाती है. लिक्विडिटी का न होना एक बड़ी प्रॉब्लम है.

यही वजह है कि कई मिड-कैप और स्माल-कैप कंपनियों की इम्पैक्ट कॉस्ट ज्यादा होती है. आपको इस इम्पैक्स कॉस्ट के बारे में सावधान रहना चाहिए. यह किसी भी मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए स्टॉक को खरीदने के लिए दिया गया अतिरिक्त पैसा है. इसलिए ही कई एक्सपर्ट कहते हैं कि स्माल-कैप और मिड-कैंप कंपनियों को आपको म्यूचुअल फंड्स के जरिए खरीदना चाहिए. यहां समस्या इतनी-सी है कि अच्छा करने वाले फंड्स लगातार बढ़ते रहते हैं, क्योंकि निवेशक उन्हें चेज़ करते हैं. जब तक आप समझते हैं, तब तक स्माल और मिड कैप फंड, बड़े (लार्ज) मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए हो चुके होते हैं.

आपने देखा होगा, स्माल कैप फंड्स में लोग ज्यादा निवेश करते हैं. उन्हें लगता है कि ये लार्ज कैप के मुकाबले बेहतर रिटर्न देंगे. लेकिन जरूरी नहीं कि यह सोच हमेशा सही हो. आज, भारतीय स्माल कैप मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए कंपनियों की वैल्यूएशन दूसरे बाजारों की स्माल कैप कंपनियों से अधिक है. आपको स्माल कैप शेयर तब खरीदने चाहिएं, लेकिन जब वे काफी कम कीमत पर मिल रहे हों. इस तरह आपको ज्यादा रिटर्न मिलता है. यही मेरा अनुभव भी है.

लोग स्माल कैप कंपनियों में जमकर पैसा डाल रहे हैं, ताकि वे अपना पोर्टफोलियो बना सकें. स्माल कैप कंपनियों में निवेश करने का यह सही तरीका नहीं है. यही वजह है कि मैं स्माल कैप्स को लेकर अतिरिक्त सावधान रहता हूं. मैं ऐसे बिजनेसेज़ में निवेश करता हूं, जहां मुझे ज्यादा इम्पैक्ट कॉस्ट न लगाकर भाग लेने का मौका मिले. स्माल कैप स्टॉक्स की दुनिया बड़ी संकरी और भीड़भरी है. यहां किसी भी समय भगदड़ मच सकती है.

इस इंटरव्यू में श्याम शेखर ने और भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी है, जैसे कि एक अच्छा पोर्टफोलियो कैसे बनाएं, ब्याज दरें बढ़ने पर क्या करें, और महंगाई से पार कैसे पाएं. इस सभी प्रश्नों के उत्तर हम कल (शुक्रवार) को छापेंगे. उम्मीद करते हैं कि आप एक सॉलिड पोर्टफोलियो बनाने की जानकारी लेने जरूर पढ़ेंगे.

Written by KAYEZAD E ADAJANIA / MoneyControl

(Disclaimer: यह एक इंटरव्यू पर आधारित खबर हैं. यदि आप किसी भी फंड में पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

Mutual Fund में निवेश कैसे करें?

क्या आप लोग जानते हैं कि Mutual Fund क्या है Mutual Fund Investment कैसे करें और म्यूचुअल फंड के फायदे और नुकसान क्या है अगर नहीं तो मैं आज आपको इसके बारे में डिटेल में बताऊंगा?

Mutual Fund me Investment Kaise Kre

बहुत से लोग इधर-उधर से सुनकर म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर देते हैं और उसका नतीजा पैसा डूब जाता है। लेकिन मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए अगर आप Mutual Fund में सही तरीके से निवेश करें तो आपका पैसा डूबने की वजह फायदे में भी जा सकता है। यही तो सच है कि Mutual Fund में Risk बहुत है और बहुत से लोग तो risk के कारण अपना पैसा निवेश करने से भी डरते हैं.

खैर छोड़िए मैं आपको आज डिटेल में बताऊंगा कि आखिरकार म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट क्यों करना चाहिए। आपको बता दे की जरूरी नहीं कि म्युचुअल फंड में निवेश करने के लिए जब आपके जेब में लाखों रुपए हो तभी आप इन्वेस्ट कर सकते हो।


आप चाहे तो 500 रुपए महीने में भी अपना इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हैं बहुत से लोगों को Share/Stock Market और Mutual fund एक ही लगता है इसलिए हम आपको बता देते हैं कि यह दोनों ही बाजार का हिशक है लेकिन यह गलत है कि शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड एक ही है। इन दोनों में आसमान और जमीन का अंतर है।

म्यूच्यूअल फंड क्या है - Mutual Fund In Hindi

अगर म्यूच्यूअल फंड को आसान भाषा में कहे तो यह एक सामूहिक निवेश है इसका सीधा मतलब यह हुआ कि इसमें कई सारे लोगों के द्वारा जमा किया जाने वाला एक फंड है।

इसका इस्तेमाल मार्केट में अलग-अलग जगह निवेश किया जाता है, और कोशिश की जाती है कि निवेशकों के द्वारा जमा किया गया पैसा मैं ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हो।
यानी कि म्यूचुअल फंड मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए में निवेशक पैसे से पैसा कमाने की कोशिश करते हैं।

म्यूचुअल फंड के प्रकार, Types Of Mutual fund

दोस्तो वैसे तो मैं आपको म्यूचुअल फंड के टाइप्स के बारे में ज्यादा ब्रीफ में नहीं बताऊंगा। अगर आप लोग म्यूचुअल फंड के टाइप्स के बारे में डिटेल में जान आना चाहते हैं। तो आपको इसके बारे में बहुत सी वेबसाइट मिल जाएगी। जहां पर इसके बारे में डिटेल में जान सकते है लेकिन इतना बता देता हूं कि म्यूचुअल फंड कितने प्रकार और कौन-कौन से होते हैं :-


1) इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund)
2) डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund)
3) हाइब्रिड म्यूच्यूअल फंड ( Highbrid Mutual Fund )
4) सल्यूशन ओरिएंटल म्यूच्यूअल फंड (Salution Oriented Mutual Fund)

म्यूच्यूअल फंड में निवेश कैसे करे( Mutual Fund Investment in Hindi)

दोस्तों वैसे तो आपको मैचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने को अनेकों एंड्राइड एप्लीकेशन मिल जाएंगे जैसे कि Groww App, मुझे डेट फंड्स में निवेश क्यों करना चाहिए MyCams, IPRU Touch App इत्यादि जिसकी मदद से आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।


दोस्तों मेरी सलाह यही है कि आप Mutual fund में Invest करने के लिए Groww App ka प्रयोग करें क्योंकि इसका इस्तेमाल आप बहुत ही आसानी से कर लेंगे।

  • Groww App क्या है और Groww App में registration कैसे करें

म्यूच्यूअल फंड के फायदे (Mutual Fund Benifit in hindi)

1) विविधता (Diversification)

दोस्तों आपको बता दें कि mutual fund में इन्वेस्टमेंट करने का सबसे अच्छा फायदा यह है कि यहां पर पैसे को एक जगह के अलावा छोटे-छोटे भाग करके कई जगह निवेश कर सकते हैं। जिससे आपके risk में काफी कमी होती है।

2) सस्ता (Affordable)

दोस्तों अगर आप अकेले बड़ी कंपनियों के शेयर खरीदेंगे तो आपके लिए महंगे पड़ेंगे लेकिन म्यूचुअल फंड में छोटे छोटे लोगों का पैसा इकट्ठा होकर बड़ा रकम बन जाता है। जिससे बड़ी कंपनियों में निवेश आसानी से किया जाता है। म्यूच्यूअल फंड छोटे निवेशकों के लिए बड़ी कंपनियों में निवेश करने का एक अच्छा विकल्प है।

3) टैक्स बेनिफिट (Tax Benifit)

जब आप शेयर बाजार में निवेश करेंगे तो आपको शेयर को खरीदने या बेचने का पर टैक्स देना पड़ता है लेकिन म्यूचुअल फंड में आपको कुछ अवधि तक टैक्स पर छूट मिलती हैं।

4) सुरक्षित निवेश (Safe Investment)

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना आपके लिए सुरक्षित होता है। क्योंकि यहां पर SEBI की देखरेख में काम किया जाता है SEBI का मतलब है Security Exchange Board Of India.

म्यूचुअल फंड में निवेश करना आपके लिए Easy होता है। जहां पर आप आसानी से निवेश कर सकते हैं यानी कि शेयर मार्केट या किसी और जगह निवेश करना आपके लिए जटिल होता है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने का Risk या नुकसान ( Mutual Fund Investment Loss In Hindi)

दोस्तों आपको बता दें कि आजकल mutual fund में निवेश करना बहुत ही आसान हो गया है जिसके कारण बहुत से लोग म्यूचुअल फंड के फायदे देखकर निवेश करना शुरू कर देते हैं। अगर आप भी mutual fund के फायदे जान के निवेश करने को सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं।
मतलब यह कि अगर म्यूचुअल फंड के फायदे देखकर निवेश करना बिना नुकसान यानी कि Risk को देखे हुए तो आपका पैसा डूब भी सकता है। वैसे आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है मैं आपको म्यूचुअल फंड में क्या-क्या risk है बारीकी से बताऊंगा।

1) कम मुनाफा (Less Profit)

अगर आप यह सोच रहे हैं कि एक बार mutual fund में investment कर दे और आपको सालों तक बहुत ज्यादा मुनाफा होगा तो शायद आप गलत है। क्योंकि म्यूचुअल फंड में निवेश करने से अगर केवल मुनाफा ही हो तो हर कोई म्यूचुअल फंड में बिना डरे निवेश करना शुरू कर दे। मतलब कहने का है कि म्यूचुअल फंड में आपको हर साल एक तरह का मुनाफा देखने को नहीं मिलेगा। इस मार्केट में मुनाफे में कम ज्यादा भी होता रहता है। यहां तक कि आपको नुकसान भी हो सकता है लेकिन अगर आप सही तरीके से निवेश करें तो आपको नुकसान होने के chances कम हो जाता है।

2) जायदा लागत (High Cost)

दोस्तो जैसे कि पहले आपको बताया था कि मैचुअल फंड में निवेश करना सस्ता है, तो फिर यह क्या है आपको बता दें कि इसमें आपके fund को manage करने के लिए कुछ लागत लगती है। और जब भी आप म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट से बाहर निकलना चाहेंगे तो आपको एग्जिट लोड का भी चार्ज देना पड़ता है इसलिए म्यूच्यूअल फंड से बाहर निकलने के लिए एग्जिट लोड चार्जेस के बारे में बहुत अच्छे से जान ले।

आपने क्या जाना

दोस्तों इस पोस्ट में मैंने आपको म्यूचुअल फंड क्या होता है म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें और म्यूचुअल फंड में क्या फायदे और नुकसान के बारे में बताया है आशा करता हूं आपको मेरी पोस्ट को पढ़ने में कुछ मदद मिली होगी।

Important Note- Mutual Funds में निवेश करने से पहले सारे दस्तावेज और फंड्स से जुडी सारी जानकारियां को ध्यान से जरूर पढ़ें किसी भी तरह के नुक्सान के आप स्वयं ज़िम्मेदार होंगे.

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