चरण निर्देश

एमए क्या है?

एमए क्या है?
एमए करने के फायदे के बारे में जाने तो आपको बतादूँ की MA करने के बाद आपको बहुत सारी फ़ायदा देखने को मिलता है क्यूंकि कोई भी कोर्स करने से आपको फ़ायदा तो होता ही है लेकिन उसके बारे में आपको पता नहीं होता है इसी लिए अभी हम ma karne ke fayde के बारे में आपको बताने वाले है

ma karne ke fayde

M.A करने के फायदे (Benefit Of Master of Arts In Hindi)

और अगर आप m.a. करने की सोच रहे हैं तो m.a. करने के बाद आपको किस तरह का फायदा हो सकता है इसके बारे में जानेंगे?

m.a. करने के फायदे तो बहुत है लेकिन इसके फायदे को में दो अलग-अलग ग्रुप में बांटना चाहूंगा।

  • पहले ग्रुप में ऐसे लोग जो m.a. करने के बाद नौकरी करना चाहते हैं।
  • दूसरे ग्रुप में वह लोग जो m.a. करने के बाद नौकरी कम और व्यवसाय करना चाहते हैं।

MA करने के फायदे (नौकरी)

एम ए करने के बाद आप शिक्षक के क्षेत्र में जा सकते हैं। लेकिन एक बात का हमेशा याद रखें कि कॉलेज यूनिवर्सिटी और तरह-तरह के अलग-अलग यूनिवर्सिटीज में शिक्षक के तौर पर नौकरी करने के लिए m.a. के बाद आपको कुछ कोर्स और करने की जरूरत होती है आप सीधे एम ए करने के बाद इन सभी कॉलेज या यूनिवर्सिटीज में शिक्षक के तौर पर नौकरी नहीं कर सकते।

  • कुछ स्कूल या कॉलेज ऐसे हो सकते हैं जहां कि आप सीधे एम ए करने के बाद नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
  • अगर आप m.a. करने के बाद b.ed करते हैं तो ऐसी स्थिति में आप अपने b.ed कोर्स को 1 वर्ष में पूरी कर सकते हैं।
  • एम ए करने के बाद आप इंटर कॉलेज प्रवक्ता बन सकते हैं।
  • IAS तथा PCS के कुछ महत्वपूर्ण पदों में नौकरी करने के लिए m.a. करना बेहद महत्वपूर्ण है।
  • m.a. के बाद नेट क्वालीफाई करके आप डिग्री कॉलेज प्रवक्ता बन सकते हैं।

M.A करने का सबसे बड़ा फायदा (Buisness)

अगर मैं आपको बताऊं कि अगर आप b.a. करने के बाद m.a. करते हैं तो इसकी सबसे बड़ी फायदा यह है कि अगर आप ने दिए या m.a. हिंदी या अंग्रेजी इन दोनों में से किसी विषय में की हुई तो ऐसी स्थिति में आपका भाषा की पकड़ बहुत अच्छी हो जाती है।

यानी कि आप लिखने और बोलने में बहुत अधिक एक्सपर्ट हो जाते हैं।

और जैसा कि आज आप सभी लोगों को पता है कि आज के समय में भारत बहुत ही तेजी से डिजिटल होते जा रहा है और इस डिजिटल होने की दौड़ में भारत की बहुत सी कंपनी या भारत के बाहर भी ऐसी बहुत सी कंपनी है जहां की कंपनी को एक कंटेंट राइटर की तलाश होती है जो कंपनी के लिए कांटेक्ट लिख पाए।

मान लीजिए कि अगर आपको भारत में हिंदुस्तान टाइम्स में ही एक कंटेंट राइटर की तौर पर नौकरी मिल जाती है तो ऐसी स्थिति में आप अच्छी खासी पैसा कमा सकते हैं क्योंकि आज के समय में कंटेंट राइटर की बहुत ही ज्यादा डिमांड है।

MA full form in Hindi

MA full form in Hindi- आज का हमारा विषय एमए फुल फॉर्म इन हिंदी है, यानीकि हम आज एमए की फुल फॉर्म के बारे में जानकारी देंगे और साथ ही में एमए कैसे करें और किस सब्जेक्ट से करना चाहिए, इसके बारे में भी बताएंगे।

एमए का फुल फॉर्म मास्टर ऑफ आर्ट्स होता है। इसको हिंदी में कला में परास्नातक कहा जाता है। अगर आप भी बीए कर चुके हैं तो आप एम की डिग्री हासिल कर सकते हैं। आज के समय मे लगभग सभी डिग्री कॉलेजेस में एमए कोर्स कराया जाता है।

एमए कैसे करें

अनेक स्टूडेंट्स का ये सवाल रहता है कि एमए कैसे करें तो हम आपको बता दें कि सबसे पहले आप अपनी रुचि को देखे कि आप किस सब्जेक्ट में एमए करना चाहते हैं। आपकों जिस भी फील्ड में जाना हो उसी फील्ड में आप एमए करें।

एमए के बाद जॉब कैसे मिलेगी?

बहुत से लोग ये सोंचते हैं कि एमए के बाद जॉब नही मिलती है, जबकि ऐसा बिल्कुल गलत है। हर फील्ड में स्कोप है और हर फील्ड में जॉब भी हैं। मान लीजिए अगर आपने हिंदी में एमए किया है, तो इसके बाद भी काफी अच्छे कैरियर के ऑप्शन होते हैं। हिंदी से एमए के बाद आप पत्रकारिता कर सकते हैं, ट्रांसलेटर बन सकते हैं, आप हिंदी कंटेंट राइटर बन सकते हैं। हिंदी डबिंग आर्टिस्ट बन सकते हैं। अगर राइटिंग स्किल अच्छी है तो फ़िल्म स्क्रीन प्ले राइटर भी आप बन सकते हैं।

यंहा तक कि बॉलीवुड फिल्मों में बहुत से ऐसे कलाकर हैं और आगे भी आते रहेंगे, जिनको हिंदी नही आती है तो आप इनको हिंदी बोलना सीखा सकते हैं, जिसका आप कई लाख रुपये चार्ज ले सकते हैं। इतना ही नही हिंदी से एमए करने के बाद आप हिंदी टीचर बन सकते हैं। वंही अगर यूजीसी नेट एग्जाम पास कर लेते हैं तो आप असिस्टेंट प्रोफेसर भी बन सकते हैं। इस तरह से जॉब की किसी भी सेक्टर में कमी नही है। कमी है तो आपके अंदर नॉलेज की। अगर आपको फील्ड की नॉलेज है तो जॉब एक से बढ़कर एक मिलेंगी। जॉब पाने के लिए आपके अंदर कुछ नॉलेज तो होना ही चाहिए।

MA करने के बाद नौकरी

यदि आप एमए MA करने के बाद कोई नौकरी पाना चाहते है तो आप टीचर के फिल्ड में एक अच्छी नौकरी पा सकते है यानि की एम.ए करने के बाद आप किसी स्कूल या कॉलेज या फिर यूनिवर्सिटीज में शिक्षक के रूप में पढ़ा सकते है यानि नौकरी कर सकते है लेकिन शिक्षक बनने के लिए आपके पास एम.ए की डिग्री के साथ शिक्षक की भी डिग्री होनी चाहिए

यानि टीचर की भी पढाई करनी होगी यदि आप यह सोच रहे है की डाइरेक्ट एम.ए करने के बाद हम एक टीचर बन जायँगे तो ऐसा सोचना गलत है क्यूंकि बिना डिग्री के आपको शिक्षक की मान्यता नहीं दी जाएगी इसी लिए यदि आप टीचर के फिल्ड में कॅरियर बनाना चाहते है तो आपको कोई शिक्षक की कोर्स करनी होगी जैसे B.ED वगेरा की कोर्स

लेकिन सायद कुछ स्कूल कॉलेज में बिना शिक्षक डिग्री के भी नौकरी के लिए अप्लाई किया जाता है लेकिन बेहतर यही रहेगा की आप कोई शिक्षक डिग्री की कोर्स कर लें

MA करने के सबसे बड़ा फ़ायदा

यदि आप एम.ए करते है इंग्लिश और हिंदी सब्जेक्ट से तो आपको हिंदी और इग्लिश दोनों में बहुत जाएदा एक्सपीरयंस हो जायेगा और यदि आप ma करने की सोचते है तो उससे पहले तो आप BA किये होंगे ओ भी किसी ना किसी सब्जेक्ट से तो किये होंगे तभी आप एम.ए कर सकते है और यदि आप उसे भी हिंदी और इंग्लिश सब्जेक्ट से किये होंगे तो फिर आपकी नॉलेज काफी अच्छी हो जाएगी

जिससे आपको शिक्षक बनने के बाद आपकी पढ़ाने की कला बहुत अच्छी हो जाएगी और बोलने में भी आप बहुत अच्छे हो जाते हो जिससे आपको आगे बिजनस में सहायता होगी क्यूंकि बिजनस मेन की बोलने की कला बहुत ही अच्छी होती है

और ये तो आपको पता ही होगा यदि आप बिजनस करोगे तो आपकी बिजनस ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी आये गी जिससे आपको कंटेंट लिखना होगा अपने प्रोडट्स के जिससे वह प्रोडेक्ट ऑनलाइन भी सेल हो और अच्छा लिखने के लिए आपको अच्छा स्किल्स भी आनी चाहिए

M.A करने का फायदा खुद का बिजनस करे

एम.ए करने के बाद आप बहुत्त अच्छे से बोल सकते है बहुत अच्छे से लिख सकते है आपकी बोलने का स्किल्स बहुत अच्छा हो जाता है इससे आप कंटेंट लिख सकते है और अच्छा पैसा कमा सकते है और यह हम आपको इस लिए बता रहे है क्यूंकि आप खुद से ही अपना कंटेंट लिख सकते है इसके लिए आपको एक ब्लॉग बनानी होगी

यदि आपको टेक्निकल कामों में इंट्रेस्ट है एमए क्या है? तो आप बहुत अच्छी कॅरियर बना सकते है यानि की आपको एक वेबसाइट बनानी होगी उसमें आपको अपने इंट्रेस्ट के अनुसार कंटेंट लिखना होगा लेकिन इसके लिए आपको वेबसाइट बनानी आनी चाहिए वैसे तो बहुत सारे freelancer होतें है जो आपको आपकी वेबसाइट बना कर देती है

लेकिन वेबसाइट तो आप बना लेंगे लेकिन उस वेबसाइट को आप चलाओगे कैसे यही में प्रॉब्लम होती है यदि आप टेक्निकल कामों में इंट्रेस्ट रखते है तो ये सब आपको बहुत अच्छे से आ जायेगा ये इतना फ़ायदा देने वाला ऑप्शन है की इससे आप अच्छे खासे पैसे कमा सकते है

M.A की फीस कितनी है? | MA Ki Fees Kitni Hai

आज हम जानेंगे कि M.a की फीस कितनी है? या M.a की फीस कितनी होती है? (ma ki fees kitni hai). अगर आप M.A करने की सोच रहे हैं तो आपको M.A में कितने खर्चे होने वाले हैं यहां M.A करने में कितने खर्चे होते हैं?

दोस्तों आज के समय में अगर आप कोई अच्छी जॉब पाना चाहते हैं तो उसके लिए आपके पास उस जॉब के लिए अनिवार्य योग्यता के साथ-साथ डिग्री का भी होना बहुत जरूरी होता है। आज के समय में हर क्षेत्र में डिग्री होल्डर्स की मांग काफी बढ़ रही है।

दसवीं कक्षा पूर्ण कर लेने के बाद आप साइंस कॉमर्स या आर्ट स्ट्रीम में से किसी एक को चुनते हैं। उस stream से 11वीं और 12वीं पास कर लेने के बाद अगर आप ग्रेजुएशन करने की सोचते हैं तो उसमें पहले आपके पास बैचलर की डिग्री जैसे बीएससी, बीकॉम और बीए करने का विकल्प होता है।

M.A की फीस से पहले कुछ जरूरी बातें

एम ए कोर्स की अवधि 2 वर्ष की होती है। जिसमें ज्यादातर आप कॉलेज में यह 4 सेमेस्टर में विभाजित होता है। अगर आपने हमें करने का निर्णय ले लिया है तो मुख्यतः आप इसे 2 तरीकों से कर सकते हैं-

जिसका चुनाव आप अपने सुविधानुसार कर सकते हैं।

रेगुलर चलने एमए क्या है? का मतलब होगा कि आप कॉलेज है रोजाना जाकर उसकी पढ़ाई करेंगे जबकि प्राइवेट चुनने का मतलब होता है कि आप रोजाना कॉलेज ना जाकर व्यक्तिगत रूप से m.a. की डिग्री पाना चाहते हैं।

अगर आप m.a. में किसी ऐसे विषय का चुनाव करते हैं जिसमें प्रैक्टिकल भी शामिल हो तो उसे आप केवल रेगुलर ही कर सकते हैं क्योंकि प्रैक्टिकल के लिए आपको कॉलेज जाने की आवश्यकता पड़ती है। अगर आप दोनों में से किसी भी प्रकार से m.a. की डिग्री प्राप्त करते हैं तो उसमें कोई अंतर नहीं होता है दोनों ही तरह से प्राप्त किए गए डिग्री की मान्यता एक समान होती है। दोस्तों कई छात्रों के मन में यह सवाल होता है कि एमए की करने मे उन्हें कुल कितना खर्च आता है।

M.A की फीस कितनी है? (MA ki fees kitni hai)

MA ki fees kitni h – दोस्तों अगर बात करें m.a. करने में आने वाले खर्च की तो यह काफी कम होता है। आप बहुत ही आसानी से कम खर्च में सरकारी कॉलेज से m.a. कर सकते हैं। दोस्तों जी एन यू जैसी संस्थाओं में m.a. जैसी कोर्स को करने का सालाना खर्च ₹216 है जो कि ₹18 प्रति माह हो जाता है।

M.A की फीस कितनी है?

अलावा अगर आप किसी सरकारी कॉलेज से भी m a करते हैं तो आपको फीस के रूप में 4000 से 5000 की मामूली रकम चुकानी होती है। कुछ प्राइवेट कॉलेजों में भी m.a. की फीस 10000 से 15000 होती है। अलग-अलग कॉलेज मे इसका निर्धारण अलग अलग होता है।

उदाहरण के लिए अगर आप हिंदी में m.a. करने का निर्णय लेते हैं तो कुछ अलग अलग कॉलेजेस व उनकी फीस इस प्रकार है-

  • SNDT COLLEGE जो मुंबई और पुणे में है इसकी सालाना फीस 13500 है।
  • सेंट स्टीफेंस कॉलेज न्यू दिल्ली इसकी सालाना फीस 69500 है।
  • लोयोला कॉलेज चेन्नई की फीस ₹10020 है।
  • हिंदू कॉलेज न्यू दिल्ली की फीस ₹9350 है।
  • मीरांडा हाउस न्यू दिल्ली ₹20060 एवं फर्ग्युसन कॉलेज पुणे की फीस ₹6295 है।

M.A करने में अतिरिक्त खर्चे या फीस

दोस्तों अगर एमए क्या है? कॉलेज फीस (ma ki fees) या इंस्टिट्यूशन फीस को छोड़ दें तो उसके अलावा भी कुछ अन्य खर्च हो सकते हैं। जैसे अगर आप रेगुलर छात्र के तौर पर m a करना चाहते हैं और इसके लिए आपको अपने घर में ना रहकर हॉस्टल में रहना पड़ता है तो उसमें आपके हॉस्टल का भाड़ा, खाने-पीने का खर्च, आने जाने यानी यातायात खर्च आदि जैसे और कई अन्य खर्च सम्मिलित हो जाते हैं।

इसके अलावा अगर आप कोचिंग लेते हैं तो उसका खर्च भी उसमें जुड़ेगा। यह सारे खर्च अनिवार्य नहीं होते इसका निर्धारण आप स्वयं आकलन करके कर सकते हैं। यह सारे खर्च अलग-अलग जगहों पर अलग अलग हो सकते हैं अगर आप किसी बड़े शहर मे रहकर m.a. करते हैं तो यह सारे खर्च अधिक हो सकते हैं एवं छोटे शहरों में यह बड़े शहरों की एमए क्या है? तुलना में कम हो सकते हैं। कुल मिलाकर अगर आप कम से कम खर्च में अपनी m.a. की पढ़ाई पूरी करना चाहते एमए क्या है? हैं तो यह संभव है।

एमए के बाद अभ्यर्थी चुन सकते हैं इनमें से कोई एक ऑप्शन

मास्टर ऑफ आर्ट्स यानि एमए एक स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम है। आर्ट्स फील्ड के अभ्यर्थियों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों के अभ्यर्थी भी एमए कोर्स को चुनते हैं। एमए के बाद अभ्यर्थी पीएचडी, नेट तथा व्याख्याता आदि ऑप्शन को चुन सकते हैं। इसके अतिरिक्त एमए उत्तीर्ण अभ्यर्थी किन-किन क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं, इसका विवरण जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ें।

एमए के बाद अभ्यर्थी निम्न करियर ऑप्शन को चुन सकते हैं-

[A] NET (Ph.D./JRF)

एमए उत्तीर्ण अभ्यर्थी नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट यानि नेट परीक्षा दे सकते हैं। इस परीक्षा के माध्यम से स्नातकोत्तर के पश्चात डॉक्टर ऑफ फ़िलॉसफ़ि (Ph.D.) तथा जूनियर रिसर्च फैलोशिप (JRF) के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता तय की जाती है। पीएचडी/जेआरएफ़ के जरिये अभ्यर्थी अपने चुने गए विषय में रिसर्च कार्य कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पीएचडी उत्तीर्ण अभ्यर्थी महा-विद्यालयों के शिक्षक पद (प्रवक्ता/व्याख्याता) के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे, कि अभ्यर्थी केवल उसी विषय से पीएचडी/जेआरएफ़ कर सकते हैं, जो उन्होंनें स्नातकोत्तर के समय चुना था।

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