चरण निर्देश

शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है

शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है
यह समाज को कैसे प्रभावित करता है?
स्टॉक स्प्लिट कंपनी के स्टॉक में तरलता शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है लाता है। खुदरा निवेशकों का रुझान शेयरों की ओर होता है। कीमत में गिरावट से स्टॉक के ठीक होने की संभावना भी बढ़ जाती है। शॉर्ट टर्म में कंपनी के शेयरों में उछाल देखने को मिल रहा है। बाजार में कंपनी के शेयरों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि, यह कंपनी के बाजार पूंजीकरण को प्रभावित नहीं करता है।

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stock split kya hota hai? स्टॉक स्प्लिट क्या होता है?

मान लिया जाए कोई कंपनी आईपीओ लाकर शेयर मार्केट में लिस्ट होती है। तब उस कंपनी के कुल शेयरों की संख्या एक करोड़ है तथा वर्तमान में कंपनी एजीएम की बैठक में अपने शेयर को 1:1 के अनुपात में स्प्लिट करती है। इसका यह मतलब हुआ कि जिस भी निवेशक के पास इस कंपनी का एक शेयर है, उसको कंपनी एक अतिरिक्त शेयर देगी।

पूर्व में कंपनी के एक करोड़ शेयर थे। अब वर्तमान में स्टॉक स्प्लिट होने के कारण कंपनी के कुल दो करोड़ शेयर हो जाएंगे।

कंपनी स्टॉक स्प्लिट क्यों करती है? company stock split kyo karti hai?
स्टॉक क्यों विभाजित होता है?

कोई भी कंपनी अपने शेयरों में लिक्विडिटी लाने के लिए स्टॉक स्प्लिट करती है। कंपनी चाहती है कि उसके शेयर को छोटे से छोटा निवेशक भी खरीद व बेच सकें। MRF कंपनी ने अपने स्टॉक को स्प्लिट नहीं किया है, जिस कारण उसके एक शेयर की कीमत वर्तमान में 75000 रूपए हो चुकी है। अब MRF के शेयर को काफी निवेशक पसंद तो करते हैं किंतु उसकी कीमत देखकर उसको खरीद नहीं सकते हैं।

शेयर मार्केट में स्टॉक स्प्लिट क्या होता हे ?

stock split kya hota hai-स्टॉक स्प्लिट क्या होता है

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शेयर मार्किट में स्टॉक स्प्लिट का मतलब होता हे की। किसी भी कंपनी को अपनी शेयर प्राइज की कीमत कम करनी हो तो वो शेयर्स को स्प्लिट करता हे। यानि अपनी शेयर प्राइज घटाता हे। लेकिन उसका शेयर्स होल्डर की वैल्यू पर कोई फरक नहीं पड़ता। इसेही शेयर का स्प्लिट होना कहते हे।

नमस्ते दोस्तों आज हम देखने वाले हे की stock split kya hota hai क्या होता हे। और कंपनी शेयर्स को स्प्लिट क्यों कराती हे। और शेयर्स के स्प्लिट होने के क्या क्या फायदे हे। और रिवर्स स्टॉक स्प्लिट क्या होता हे। ये सब हम आज देखने वाले हे।

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स्टॉक स्प्लिट क्या होता है ?

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स्टॉक स्प्लिट होना एक कॉर्पोरेट एक्शन हे। जिसमे कंपनी अपने रेश्यो को अलग अलग हिस्सों में विभाजन करती हे। इससे कंपनी के शेयर की मात्रा बढ़ जाती हे। और उसी रेशो में कंपनी की शेयर कीमत और फेस वैल्यू कम हो जाती हे, जिस रेशो में स्टॉक स्प्लिट हुआ हे। लेकिन इसका शेयर होल्डर के मूल्य पर कोई असर नहीं होता। क्यूंकि शेयर्स होल्डर के शेयर की मात्रा भी बढ़ जाती हे।

company stock split kyu karavati he

कंपनी स्टॉक स्प्लिट क्यों करवाती हे ?

कंपनी का शेयर प्राइज अगर ज्यादा उपर (हाई ) हे। और उसके जैसे कंपनी की प्राइज कम हे। तो ऐसे में कंपनी अपना स्टॉक स्प्लिट करती हे। इससे उसकी शेयर प्राइज कम हो जाती हे। और उसके जैसे कंपनी के शेयर प्राइज के आसपास प्राइज उसकी प्राइज ले आती हे। क्युकी हाई प्राइज पर एक सामान्य निवेशक निवेश नहीं कर सकता हे। इसीलिए कंपनी स्टॉक स्प्लिट करके शेयर प्राइज को कम करती हे। और इससे सामान्य निवेशक निवेश कर सकते हे।

उदाहरन के तौर पर समझते हे – समझो किसी आईटी कंपनियों की शेयर प्राइज ५०० रुपये हे। और एक आईटी कंपनी की शेयर प्राइज १००० रुपये हे। तो इसमें ये कंपनी अपना स्टॉक स्प्लिट करके अपनी प्राइज ५०० रुपये कर सकती हे। ऐसे में सामन्य निवेशक उसमे निवेश कर सकते हे।

stock split ke kya fayde he

स्टॉक स्प्लिट के फायदे

कंपनी का स्टॉक स्प्लिट होने से समान्य निवेशक उसमे निवेश करने लगते हे। इससे उस शेयर की डिमांड बढ़ जाती हे। और शेयर की प्राइज बढ़ने लगती हे। स्टॉक स्प्लिट होना ये एक कंपनी की सकारात्मक संकेत दर्शाता हे। इससे शेयर में निवेश बढ़ जाता हे। और डिमांड बढ़ कर शेयर प्राइज बढ़ने लगाती हे।

reverse stock split

रिवर्स स्टॉक स्प्लिट

इसका मतलब होता हे की कंपनी। स्टॉक स्प्लिट के पूरा उल्टा कराती हे। रिवर्स स्टॉक स्प्लिट जे रेशो के हिसाब से शेयर की प्राइज बढाती हे। और फेस वैल्यू भी बढाती हे। लेकिन शेयर होल्डर की कुल शेयर्स की मात्रा रेशो के हिसाब से कम हो जाती हे। लेकिन इसका शेयर होल्डर के कुल मूल्य शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है पर कोई असर नहीं होता।

रिवर्स स्टॉक स्प्लिट होना एक नकारात्मक संकेत रहता हे। क्युकी कंपनी की शेयर प्राइज बढ़ नहीं रही थी। तो कंपनी अपना रिवर्स स्टॉक स्प्लिट करवाती हे। इससे प्राइज तो बढाती हे। लेकिन को कुल शेयर की मात्रा काम हो जाती हे।

शेयर विभाजन

एक शेयर विभाजन शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है या शेयर विभाजन की संख्या बढ़ जाती शेयरों एक में कंपनी । स्टॉक स्प्लिट व्यक्तिगत शेयरों के बाजार मूल्य में कमी का कारण बनता है, जिससे कंपनी के कुल बाजार पूंजीकरण में बदलाव नहीं होता है । स्टॉक कमजोर पड़ने नहीं होता है। [1]

एक कंपनी अपने स्टॉक को तब विभाजित कर सकती है जब प्रति शेयर बाजार मूल्य इतना अधिक हो कि कारोबार करने पर वह बोझिल हो जाए। इसका एक कारण यह है कि बहुत अधिक शेयर की शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है कीमत छोटे निवेशकों को शेयर खरीदने से रोक सकती है। स्टॉक स्प्लिट आमतौर पर शेयर की कीमत में बड़े उछाल के बाद शुरू होते हैं। [ उद्धरण वांछित ]

स्टॉक विभाजन का मुख्य प्रभाव स्टॉक की तरलता में वृद्धि है : [२] १० शेयरों के लिए १० शेयरों की तुलना में १०० शेयरों के लिए अधिक खरीदार और विक्रेता हैं। कुछ कंपनियां विपरीत रणनीति प्राप्त करने के लिए स्टॉक स्प्लिट से बचती हैं: स्टॉक को विभाजित करने से इनकार करके और कीमत को उच्च रखते हुए, वे ट्रेडिंग वॉल्यूम को कम करते हैं। बर्कशायर हैथवे इसका एक उल्लेखनीय उदाहरण है। कंपनी का कभी भी स्टॉक स्प्लिट नहीं हुआ है और प्रत्येक शेयर यूएस $ 300,000 से अधिक पर ट्रेड करता है।

क्यों लाया जाता है Stock Split क्या इससे कंपनी शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है या निवेशक को कोई फायदा होता है ?

कंपनी स्टॉक स्प्लिट क्यों करती है ,इसके दो शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है कारण हो सकते है ,जैसे की अपने कंपनी के शेयर्स को बढ़ाना ताकि और और लोग कंपनी के शेयर्स ले सके और दूसरा liquidity ,

जैसे जैसे कंपनी के शेयर्स के दाम बढ़ते है वैसे ही उसमे liquidity की दिक्कत आने लगती है ,liquidity का मतलब होता है शेयर्स को बेचना ,क्योंकि ज्यादातर लोग महंगे शेयर्स को नहीं ले सकते है ,जिस तरह MRF कंपनी का एक शेयर 60,000 रूपए का है अब हर कोई 60,000 रूपए का शेयर्स नहीं ले सकता ,जिस कारण MRF के शेयर्स में liquidity की दिक्कत रहती है क्योंकि उनके निवेशक को खरीदार मिलना मुश्किल हो जाता है ,

ठीक इसी प्रकार कंपनी liquidity की समस्या कम करने और शेयर्स की संख्या को बढ़ाने के लिए कंपनी अक्सर अपने स्टॉक को स्प्लिट करती है ,ताकि छोटे निवेशक भी इन कंपनियों के शेयर्स में निवेश कर सके

Reverse stock split क्या होता है ?

Reverse स्टॉक स्प्लिट ,स्टॉक स्प्लिट के बिलकुल विपरीत होता है जिसमे शेयर्स को merge किया जाता है ,जिससे की कंपनी अपने शेयर्स के दाम बढ़ा सके और बाजार में अपने शेयर्स की सँख्या को कम कर सके

बोनस शेयर्स और स्टॉक स्प्लिट्स में दो अंतर है –

  1. बोनस शेयर्स में कंपनी के शेयर्स को बढ़ाया जाता है ,जबकि स्टॉक स्प्लिट्स में मौजूदा शेयर्स को विभाजित किया जाता है
  2. बोनस शेयर्स लाने से कंपनी के शेयर्स की फेस वैल्यू कम नहीं होती वही स्टॉक स्प्लिट्स में फेस वैल्यू को कम किया जाता है

निष्कर्ष

आज के हमारी पोस्ट में स्टॉक स्प्लिट्स से जुडी ध्यान देनी वाली बाते यह है ,

  • Stock Split द्वारा कंपनी के कुल शेयर की संख्या में बढ़ोतरी की जाती है,
  • कंपनी द्वारा Stock Split किए जानेसे कंपनी के मार्केट कैप पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा
  • Stock Split करने से कंपनी के शेयर का फेस वैल्यू कम हो जाता है,

Disclaimer : हम यहाँ पर किसी भी कंपनी का कोई प्रचार नहीं कर रहे है ,और न ही आपको इनमे निवेश करने की कोई सलाह दे रहे है,निवेश करने का फैसला आपका अपना निजी होना चाहिए

तो दोस्तों आज हमने जाना शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है की व्यापार में Stock Split क्या है ? What Is Stock Split In Hindi और इसका निवेशको पर क्या प्रभाव पड़ता है ,आशा है आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी ,अगर आपका कोई सुझाव है तो हमे हमे जरूर बताये

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मई में, शेयरों को विभाजित किया गया था
कंपनी ने अपने तिमाही नतीजे पेश करते हुए शेयर विभाजन की घोषणा की। स्टॉक विभाजन के बाद, टाटा स्टील के एक शेयर रखने वाले निवेशक के पास 10 शेयर होंगे। इसका मतलब है कि आपको बिना किसी खरीदारी के 9 शेयर मुफ्त में मिलते हैं। टाटा स्टील के बोर्ड ने मई में स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी दी थी। बोर्ड के अनुसार, पूंजी बाजार में तरलता बढ़ाने, शेयरधारक आधार का विस्तार करने और कंपनी के शेयरों को शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है खुदरा निवेशकों के लिए आसानी से सुलभ बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया था।

स्टॉक स्प्लिट का मतलब स्टॉक स्प्लिट होता है। सीधे शब्दों में कहें, दो या अधिक बनाने के लिए किसी एक स्टॉक को तोड़ें। स्टॉक स्प्लिट के माध्यम से, कंपनियां अपने स्टॉक को एक से अधिक शेयरों में विभाजित करती हैं। लेकिन क्यों किया जाता है? बाजार के जानकारों का मानना ​​है कि जब किसी कंपनी के शेयर काफी महंगे होते हैं तो छोटे निवेशक आमतौर पर उनमें निवेश करने से बचते हैं। ऐसे में कंपनी इन छोटे निवेशकों को आकर्षित करने के शेयर बाज़ार मे स्पलीट करने का मतलब क्या है लिए स्टॉक स्प्लिट करेगी। कभी-कभी कंपनियां बाजार की मांग बढ़ाने के लिए स्टॉक स्प्लिट भी करती हैं।

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