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तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं

तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं
इंडिकेटर्स को गलत तरीके से कम्बाइन करने से भ्रम अथवा गलत व्यापारिक निर्णय हो सकते हैं। इसलिए, क़ॉंम्बिनेशंस पर काम करने से पहले हर तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं इंडिकेटर के क्लासिफिकेशन की मूल समझ आवश्यक है।

तकनीकी लेखक

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके फ्रिज, एसी या वॉशिंग मशीन के इंस्ट्रक्शनल मैनुअल कौन तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं लिखता है? प्रशिक्षण गाइड के पीछे कौन लोग हैं जो आपकी मशीनों के कामकाज को समझाने में आपकी मदद करते हैं? यह सब काम तकनीकी लेखक करते हें। तकनीकी लेखकों को 'तकनीकी संचारकों' के रूप में भी जाना जाता है और आम लोगों के लिए सरल और आकर्षक भाषा में तकनीकी जानकारी देने के लिए निर्देशात्मक मैनुअल बनाते हैं। वे ग्राहकों और निर्माताओं के लिए तकनीकी जानकारी का अनुसंधान, संग्रह और प्रसार करते हैं। इन्हें तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं टेक्निकल राइटर भी कहा जाता है। आजकल टेक्नोलॉजी हमेशा अपडेट होती रहती है इसीलिए टेक्नोलॉजी और इनोवशन के फील्ड से जुड़ी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट और उनके फंक्शन के बारे में ग्राहकों को अपटेड करना मुश्किल होता है, लेकिन इस मुश्किल काम को टेक्निकल राइटर सरल शब्दों के माध्यम से तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं बेहद आसान बना देते हैं दरअसल, टेक्निकल राइटर प्रोडक्ट के मैन्युअल, अपेन्डिक्स और कैटलॉग को डेवलप करन का काम करते हैं।

एक तकनीकी लेखक की भूमिका

  • तकनीकी प्रलेखन के लिए लक्ष्य दर्शकों का निर्धारण करना।
  • उत्पाद के कामकाज का तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं अध्ययन और समझना।
  • उत्पाद को समझने के लिए विषय-विशेषज्ञों के साथ काम करना।
  • अंत उपयोगकर्ता को ध्यान में रखते हुए उत्पादों के लिए दस्तावेज़ लिखना।
  • उत्पाद के लिए प्रासंगिक डिजाइन, चित्र और चित्र बनाने में शामिल डिजाइनरों के साथ काम करना।
  • प्रकाशन से पहले दस्तावेजों को संशोधित करना।
  • विकास और परीक्षण के दौरान परियोजना कार्य समूहों के बीच जानकारी के प्रवाह का प्रबंधन करने के लिए इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, कंप्यूटर विशेषज्ञों और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के साथ काम करना।

पारखी नजरें: तकनीकी लेखकों को विशेष रूप से अनुदेशात्मक पुस्तिकाओं का मसौदा तैयार करते समय विवरण पर ध्यान देना चाहिए। मामूली त्रुटि ग्राहक को भ्रम में डाल सकती है इसलिए अपना पारखी नजरों से गलतियों को पहचानना आना चाहिए।

एक तकनीकी लेखक की पक्ष और विपक्ष की बातें

  • नए उपकरणों, और मशीनों के साथ प्रयोग करने के अवसर मिलना।
  • कई क्षेत्रों में अवसर के रूप में नौकरी की उच्च मांग है।
  • अच्छी वेतन वाली नौकरी।
  • नए उपकरण और प्रौद्योगिकियां सीखने का अवसर।
  • इस क्षेत्र में इसे बड़ा बनने के लिए बहुत सारे अनुभव की आवश्यकता होती है।
  • कभी-कभी, आपको अलग-अलग समय क्षेत्रों में काम करना पड़ेगा।
  • थाकऊ और ऊबाई काम जैसे आपको एक ही प्रोजेक्ट पर लंबे समय तक एक ही काम करना होगा।

शैक्षणिक योग्यता

तकनीकी लेखक बनने के लिए आप जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन की डिग्री और डिप्लोमा के कोर्स कर सकते है। इसके अलावा इंग्लिश लिटरेचर करके भी आप लेखन के क्षेत्र में आ सकते है। 12वीं के बाद आप जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन के कोर्स किए जा सकते है।

आज तकनीकी लेखकों की खूब मांग है। सॉफ्टवेयर, जॉब साइट्स कंपनियों के अलावा, मल्टीनेशनल कंपनियों में तकनीकी लेखकों के लिए दरवाजे खुले रहते हैं। आप अच्छी कंपनी में तकनीकी लेखक के रुप में जुड़ कर अच्छा वेतन पा सकते हैं।

कोर्स का परिचय: इंडीकेटर्स का उपयोग करके प्रभावी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीएस का निर्माण

इस दौर में, जब वैश्विक और डोमेस्टिक फंड मार्केट पर हावी होने लगते हैं, तब धारणा यह है कि एक स्वतंत्र व्यापारी का लाभधारी ट्रेड लेना अधिक कठिन हो गया है। लेकिन, सच्चाई यह है कि कुछ ट्रेडिंग ट्रिक्स और थोड़ा सामान्य ज्ञान आपको संयुक्त तकनीकी विश्लेषण की सभी पुस्तकों की तुलना में अधिक लाभदायक हो सकता है ।

इस दस भाग की सीरीज़ में, मैं आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ इंडिकेटर्स लेकर उन्हें कम्बाइन करके आपको लाभदायक ट्रेडिंग सिस्टम बनाने के स्टेप्स बताऊंगा। मेरा उद्देश्य आपको एक प्रारंभिक बिंदु देना है ताकि आप इन विचारों या अवधारणाओं को ले सकें और उन्हें एक योजना में ढाल सकें जो आपके लिए काम करेगी।

एक ट्रेडिंग योजना का निर्माण

एक बढ़िया ट्रेडिंग सिस्टम बनाने के 3 महत्वपूर्ण तत्व होते हैं: एंट्री और एग्जिट सिग्नल, नुकसान को रोकने के लिए एक ट्रेडिंग प्लान और पैसों के प्रबंधन की एक बढ़िया स्ट्रैटेजी।

अंतर्वस्तु विश्लेषण के उद्देश्य और महत्व - Objectives and Importance of Content Analysis

सैलिज, जहोदा तथा अन्य (1973) ने अंतर्वस्तु विश्लेषण के तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य बताए हैं

1. अंतर्वस्तु की विशेषताओं को मालूम करना

* संप्रेषण की अंतर्वस्तु की प्रवृत्तियों का वर्णन करना।

* विद्वता के विकास को मालूम करना

* संप्रेषण के प्रति मानों का वर्णन करना

* संदेशों के प्रति जन समूह की तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं ज्ञात विशेषताओं को जोड़ना

* संचार के स्तरों की तुलना करना

* मानदंडों के विपरीत संचार की विषय वस्तु का पता लगाना

* तकनीकी शोध प्रक्रिया में सहायता करना

* संचार सामग्री की पठनीयत को मापना

* लेखकों के व्यक्तित्व की विशेषताओं को ज्ञात करना

* शैली गत विशेषताओं की खोज करना

* प्रचार की तकनीकों का उद्घाटन एवं विश्लेषण करना

तकनीकी से क्या तात्पर्य है?

इसे सुनेंरोकेंतकनीकी का अर्थ है- कुशलता, कुछ करने या बनाने की प्रणाली। सामान्य अर्थ में तकनीकी से आशय है- वैज्ञानिक सिद्धांतों, ज्ञान, विस्थाओं तथा प्रविधियों का व्यवहारिकता में अनुप्रयोग से हैं। इसका तात्पर्य किसी भी प्रयोगात्मक कार्य करने के तरीके से है, जिसमें वैज्ञानिक ज्ञान या सिद्धांतों का अनुप्रयोग किया गया हो।

स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्या है?

इसे सुनेंरोकेंकेले के पौधे के अर्क में मौजूद ऑक्सीजन के साथ मिलने वाला पोटेशियम यौगिक चाय के कचरे से तैयार कार्बन को सक्रिय करने में मदद करता है। इसके लिए हाल ही में एक भारतीय पेटेंट दिया गया है।

तकनीक से आप क्या समझते ह ग्रामीण तकनीक एवं तकनीक में अंतर बताते हुये इसकी उपयोगिता बताइये?

इसे सुनेंरोकेंउसको बिगाडे बिना मानव की समस्याओं का समाधान ढूँढ़ना उचित होगा। इसका मूल सिद्धांत होगा ग्रामीण इलाके में पाये जाने वाले संसाधानों का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा हो । ग्रामीण क्षेत्र की अनेक समस्यायें हैं। उनके समाधान के लिये जो सतत् तकनीकी होती है उसको ग्रामीण तकनीकी कह सकते हैं।

स्वदेशी प्रौद्योगिकी की सीमाएं क्या है?

इसे सुनेंरोकेंसरकार पिछले चार वर्षों के दौरान समग्र वैज्ञानिक पारिस्थितिक तंत्र बनाने का काम तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं करती रही है। इसमें प्रौद्योगिकी विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, नवाचार और स्टार्टअप के लिये स्वदेशी प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को सक्षम बनाने के लिये अनुवाद अनुसंधान हेतु प्रभावशाली बुनियादी शोध की गुणवत्ता और मात्रा में वृद्धि शामिल है।

स्वदेशी आंदोलन से आप क्या समझते है?

इसे सुनेंरोकेंस्वदेशी आन्दोलन विशेषकर उस आन्दोलन को कहते हैं जो बंग-भंग के विरोध में न केवल बंगाल अपितु पूरे ब्रिटिश भारत में चला। इसका मुख्य उद्देश्य अपने देश की वस्तु अपनाना और दूसरे देश की वस्तु का बहिष्कार करना था। भारत में स्वदेशी का पहले-पहल नारा बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने “वंगदर्शन” के 1279 की भाद्र संख्या यानी 1872 ई.तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं

शैक्षिक तकनीकी से क्या तात्पर्य है?

इसे सुनेंरोकेंशैक्षिक प्रौद्योगिकी (अधिगम प्रौद्योगिकी भी कहा जाता है) उचित तकनीकी प्रक्रियाओं और संसाधनों के सृजन, उपयोग तथा प्रबंधन तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं के द्वारा अधिगम और कार्य प्रदर्शन सुधार के अध्ययन और नैतिक अभ्यास को कहते हैं। शैक्षिक प्रौद्योगिकी शब्द के साथ प्रायः अनुदेशात्मक सिद्धांत तथा अधिगम सिद्धांत संबद्ध और शामिल होते हैं।

आधुनिक तकनीक क्या है?

इसे सुनेंरोकेंआधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अब शिक्षा के क्षेत्र में होने लगा है। अब स्मार्ट क्लासेस से बच्चो को पढ़ाया जाता है। लाइव विडियो, डाइग्राम और फोटो दिखाकर पढ़ाया जाता है। अब कंप्यूटर और इंटरनेट की मदद से विद्दार्थी किसी भी प्रश्न का जवाब कुछ सेकंड में ढूढ़ लेते है।

उपकरण और तकनीक में क्या तकनीकी विश्लेषण की अवधारणाओं अंतर है?

इसे सुनेंरोकेंतकनीक चीजों को करने का एक तरीका या शैली है, जबकि तकनीक गैजेट के काम के पीछे वैज्ञानिक सिद्धांतों का अनुप्रयोग है। प्रौद्योगिकी उपकरणों को अधिक स्मार्ट और अधिक कुशल बनाने के लिए आगे बढ़ती रहती है। विभिन्न लोगों के पास एक ही तकनीक का उपयोग करने की विभिन्न तकनीकें हैं।

तकनीकी का दूसरा नाम क्या है?

इसे सुनेंरोकेंप्रौद्योगिकी, व्यावहारिक और औद्योगिक कलाओं और प्रयुक्त विज्ञानों से संबंधित अध्ययन या विज्ञान का समूह है। कई लोग तकनीकी और अभियान्त्रिकी शब्द एक दूसरे के लिये प्रयुक्त करते हैं।

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