शुरुआती के लिए रणनीतियाँ

दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी

दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी
उन्होंने कहा कि हालांकि, जब बात आतंकवाद से संबंधित हो तो सिक्के का दूसरा पहलू भी सामने आता है। जयशंकर ने कहा, ‘‘इन नयी प्रौद्योगिकियों ने असामाजिक तत्वों द्वारा दुरुपयोग के लिहाज से कमजोर होने के कारण सरकारों तथा नियामक संस्थाओं के लिए नयी चुनौतियां पैदा की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हाल के वर्षों में, खासतौर से खुले और उदार समाज में आतंकवादी समूहों, उनके वैचारिक अनुयायियों और अकेले हमला करने वाले लोगों ने इन प्रौद्योगिकियों तक पहुंच हासिल करके अपनी क्षमताएं बढ़ा ली हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे आजादी, सहिष्णुता और प्रगति पर हमला करने के लिए प्रौद्योगिकी और पैसा तथा सबसे जरूरी खुले समाज के लोकाचार का इस्तेमाल करते हैं।’’

IMF ने दी चेतावनी ! रूस-यूक्रेन संघर्ष बढ़ना विश्व के लिए और विनाशकारी होगा, महंगाई भी बढ़ेगी

By: ABP Live | Updated at : 06 Mar 2022 12:11 PM (IST)

Edited By: Meenakshi

IMF Alert: यूक्रेन में युद्ध के कारण गेहूं और अन्य अनाज सहित ऊर्जा और कमोडिटी की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और कोविड -19 महामारी से पलटाव से मुद्रास्फीति दबाव बढ़ गया है. यह बात आईएमएफ ने कही है.. कीमतों के झटकों का दुनियाभर में प्रभाव पड़ेगा, खासकर गरीब परिवारों पर जिनके लिए भोजन और ईंधन खर्च का एक उच्च अनुपात है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की क्या है आशंका
आईएमएफ ने कहा कि यदि संघर्ष बढ़ता है, तो आर्थिक क्षति और अधिक विनाशकारी होगी. रूस पर प्रतिबंधों का वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी अन्य देशों के लिए महत्वपूर्ण स्पिलओवर होगा. कई देशों में संकट पहले से ही बढ़े हुए मूल्य दबावों के बीच, मुद्रास्फीति और दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी गतिविधि दोनों के लिए एक प्रतिकूल झटका पैदा कर रहा है.

क्रिप्टोकरेंसी पर नकेल कसने की तैयारी, भारत के बाद अमेरिका भी जोखिमों पर करेगा विचार

क्रिप्टोकरेंसी पर नकेल कसने की तैयारी, भारत के बाद अमेरिका भी जोखिमों पर करेगा विचार

क्रिप्टोकरेंसी पर नकेल कसने की तैयारी, भारत के बाद अमेरिका भी जोखिमों पर करेगा विचार

अमेरिका में बैंकिंग नियामकों ने क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग को लेकर नियमों और विनियमों को स्पष्ट करने के लिए एक योजना की घोषणा की है। इसमें बताया गया है कि उसके बैंक क्रिप्टोकरेंसी का कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दें कि भारत सहित दुनियाभर की सरकारें क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े जोखिमों और निवेशकों की सुरक्षा का आंकलन कर रही हैं। इस बीच यह खबर सामने आई है।

फेडरल रिजर्व सिस्टम, फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन और मुद्रा नियंत्रक के कार्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने एक बयान में कहा कि वे मानते हैं कि उभरते क्रिप्टो-एसेट सेक्टर बैंकिंग संगठनों, उनके दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी ग्राहकों और समग्र वित्तीय प्रणाली के लिए संभावित अवसर और जोखिम प्रस्तुत करता है। ।

तेजी से घट रही वन्यजीव आबादी, 1970 दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी के बाद से दुनियाभर में 69 प्रतिशत की गिरावट : रिपोर्ट

living planet report 2022

नई दिल्ली : दुनियाभर में निगरानी वाली वन्यजीव आबादी (Wildlife Polpulation) में दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी साल 1970 से 2018 के बीच 69 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है. विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की ‘लिविंग प्लैनेट’ रिपोर्ट (एलपीआर) 2022 (Living Planet Report 2022) में यह जानकारी दी गई है. रिपोर्ट कुल 5,230 नस्लों की लगभग 32,000 आबादी पर केंद्रित है.

खबर में खास
  • वन्यजीवों की आबादी चौंकाने वाली दर से घट रही
  • यह है प्रमुख कारण
वन्यजीवों की आबादी चौंकाने वाली दर से घट रही

इसमें प्रदान किए गए ‘लिविंग प्लैनेट सूचकांक’ (एलपीआई) के मुताबिक, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के भीतर वन्यजीवों की आबादी चौंका देने वाली दर से घट रही है. रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘वैश्विक स्तर पर लातिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र में वन्यजीवों की आबादी में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है. पांच दशकों में यहां औसतन 94 प्रतिशत की गिरावट आई है.’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ्रीका में वन्यजीवों की आबादी 66 फीसदी और एशिया प्रशांत में 55 फीसदी घटी है. अन्य नस्लों के समूहों की तुलना में ताजे पानी वाले क्षेत्रों में रह रहे वन्यजीवों की आबादी में औसतन 83 प्रतिशत अधिक गिरावट आई है.

सोशल मीडिया आतंकियों के लिए प्रभावी उपकरण : जयशंकर

भारत ने ‘‘असामाजिक तत्वों’’ द्वारा एन्क्रिप्टेड संदेश और क्रिप्टो करेंसी जैसी नयी प्रौद्योगिकियों के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए समन्वित वैश्विक प्रयास करने का शनिवार को आह्वान किया और आगाह किया कि सोशल मीडिया मंच आतंकवादी समूहों की ‘‘टूलकिट’’ में प्रभावशाली उपकरण बन गए हैं।

दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आतंकवाद निरोधक समिति की विशेष बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवादी समूहों, उनके ‘‘वैचारिक अनुयायियों’’ और ‘‘अकेले हमला करने वाले’’ (लोन वोल्फ) लोगों ने इन नयी प्रौद्योगिकियों तक पहुंच हासिल करके अपनी क्षमतायें बढ़ा ली हैं।

जयशंकर ने स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान के संदर्भ में यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद रोधी प्रतिबंध व्यवस्था उन देशों को आगाह करने के लिए प्रभावी है, जिन्होंने आतंकवाद को ‘‘राज्य द्वारा वित्त पोषित उद्यम’’ बना लिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों के प्रतिनिधि दिल्ली में हो रही इस बैठक के दूसरे दिन के सत्र में भाग ले रहे हैं। पहले दिन का सत्र मुंबई में आयोजित किया गया था।

Cryptocurrency को लेकर अच्छी खबर, सरकार ने बनाई नई योजना..

निवेशकों को डिजिटल करेंसी में ट्रेडिंग काफी भा रही है. वहीं, दूसरी तरफ भारतीय निवेशक असमंजस में हैं. भारत में क्रिप्‍टोकरेंसी की वैधता को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को पशोपेश में डाल रखा है. क्योंकि एक तरफ सरकार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नया और सख्त कानून लाने जा रही है, वहीं दूसरी दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी तरफ भारतीय क्रिप्टोकरेंसी लाने पर विचार कर रही है. हालांकि, भारत दुनियाभर में क्रिप्टो पर निगरानी में क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने और इसे अपराध की श्रेणी में डालने के बीच एक अच्छी खबर आ रही है. खबर है कि केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने की सोच रही है.

RBI की डिजिटल करेंसी पर पैनल करेगा स्टडी

ET की खबर के मुताबिक, नई कमिटी इस बात की संभावना तलाशेगी कि क्या ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन के लिए किया जा सकता है. इसके अलावा यह कमिटी क्रिप्टो को डिजिटल असेट के रूप में रेग्युलेट करने को लेकर भी अपनी सलाह देगी. समिति को भारतीय रिजर्व बैंक के प्रस्तावित डिजिटल रुपये के संचालन के तरीकों का अध्ययन करने के लिए भी कहा जा सकता है. सरकार भारत में क्रिप्टो को नए सिरे से शुरू पर विचार कर रही है. हालांकि, ये अभी शुरुआती चरण में हैं और अभी तक कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है. बता दें कि इससे पहले सरकार ने 2019 में एक पैनल का गठन किया था. इस पैनल के अध्यक्ष पूर्व फाइनेंस सेक्रेटरी सुभाष गर्ग थे. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में साफ-साफ कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी पर ब्लैंकेट बैन लगना चाहिए. अब सरकार का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी पर ब्लैंकेट बैन संभव नहीं है.

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